मथुरा मंडी में जलभराव से धान-बाजरे की फसल डूबी:किसानों को भारी नुकसान, व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल
मथुरा में वे मौसम लगातार दो दिन से हो रही बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मथुरा मंडी समिति परिसर में जलभराव होने से किसानों की धान और बाजरे की उपज भीग गई। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है। किसानों का आरोप है कि मंडी में जलनिकासी और फसल को सुरक्षित रखने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिसके कारण हर बार बारिश में उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। किसानों के अनुसार लगातार हो रही बारिश के चलते मंडी परिसर में पानी भर गया। मंडी में आढ़तियों और क्रय केंद्रों पर उपज लेकर पहुंचने वाले किसानों की फसल अक्सर खुले में सड़क पर उतरवाई जाती है। ऐसे में बारिश होने पर धान और बाजरे की उपज भीग जाती है। किसानों का कहना है कि भीगी हुई फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने के कारण उन्हें उपज का उचित भाव नहीं मिल पाता। इससे पहले ही खेती की लागत और मेहनत से परेशान किसानों पर आर्थिक नुकसान का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। किसान राजकुमार और विक्रम सिंह ने मंडी समिति की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मंडी परिसर में जलभराव की समस्या लंबे समय से बनी हुई है,लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। बारिश के दौरान फसल को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त स्थान और बेहतर व्यवस्था नहीं होने से किसानों को परेशानी उठानी पड़ती है। किसानों का यह भी आरोप है कि दूर-दराज से उपज लेकर मंडी आने वाले किसानों के ठहरने और रात में आराम करने के लिए गेस्ट हाउस बनाए गए थे, लेकिन उन्हें इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।किसानों के मुताबिक,गेस्ट हाउस का उपयोग मंडी समिति के कर्मचारी कर रहे हैं,जबकि किसानों को रात गुजारने के लिए उचित सुविधा नहीं मिलती। बारिश और जलभराव से परेशान किसानों ने मंडी परिसर में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराने, उपज को बारिश से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने और गेस्ट हाउस की सुविधा किसानों को दिलाने की मांग की है। अब देखना होगा कि मंडी प्रशासन किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)