मुजफ्फरनगर में अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़, 7 आरोपी गिरफ्तार:सुनसान जगह पर तैयार करते थे हथियार, पार्ट्स और बनाने के उपकरण मिले
मुजफ्फरनगर में शाहपुर थाना पुलिस ने अवैध शस्त्र निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक कथित अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से सात आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। आरोपियों के कब्जे से 12 बने और चार अधबने अवैध हथियार, 86 कारतूस, हथियारों के पार्ट्स, शस्त्र बनाने के उपकरण और एक बाइक बरामद की गई है। गुरुवार शाम 4 बजे पुलिस लाइन सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 23 सितंबर की शाम शाहपुर पुलिस हरसौली चौकी क्षेत्र में संदिग्ध लोगों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि ग्राम तावली रजवाहे से डेयरी के पीछे कुछ लोग अवैध हथियार बनाने का काम कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक, मौके पर हथियार बनाने का काम कर रहे सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। शामली, मुजफ्फरनगर और मेरठ के रहने वाले हैं आरोपी पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शामली के कांधला क्षेत्र निवासी गुल्लू उर्फ इदरीश, मुजफ्फरनगर के हुसैनपुर कलां निवासी कय्यूम, तिसंग निवासी शाहनवाज और आविद, खांजापुर निवासी खालिद, खतौली के इस्लामनगर निवासी अरशद और मेरठ के सरधना निवासी बाबू उर्फ इलियास के रूप में बताई है। 12 बने और 4 अधबने हथियार मिले पुलिस के अनुसार, मौके से छह तमंचे 315 बोर, दो डबल बैरल तमंचे 315 बोर, दो तमंचे 12 बोर, एक मस्कट 12 बोर और एक बंदूक 12 बोर बरामद हुई। इसके अलावा एक अधबना तमंचा .32 बोर और तीन अधबने तमंचे 315 बोर भी मिले।
पुलिस ने 50 जिंदा कारतूस 315 बोर, 10 जिंदा कारतूस 12 बोर और 26 खोखा कारतूस 315 बोर बरामद करने की बात कही है। इसके अलावा 24 बुलेट निब 315 बोर, 500 ग्राम गंधक, 500 ग्राम पोटास, हैमर-ट्रिगर समेत तमंचों के पार्ट्स और हथियार व कारतूस बनाने के उपकरण भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया- अलग-अलग काम बांट रखे थे पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सुनसान स्थानों पर मिलकर अवैध हथियार और कारतूस तैयार करते थे। पुलिस का दावा है कि गुल्लू उर्फ इदरीश और कय्यूम तमंचे बनाने का काम करते थे।
अरशद और खालिद पर कारतूस तैयार करने, जबकि बाबू उर्फ इलियास पर खोखे तैयार करने का आरोप है। शाहनवाज और आविद कथित तौर पर तैयार हथियारों और कारतूसों को आसपास के गांवों और अन्य स्थानों पर बेचते थे। पुलिस ने इस गतिविधि को आर्थिक लाभ के लिए किया जा रहा संगठित अवैध कारोबार बताया है। कुछ आरोपियों पर पहले भी दर्ज हैं मुकदमे एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि गुल्लू उर्फ इदरीश, कय्यूम और शाहनवाज समेत कुछ आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में पहले भी मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास और हथियारों की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटा रही है। कार्रवाई करने वाली शाहपुर पुलिस टीम को एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने 20 हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया।
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