मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ वकीलों का प्रदर्शन:बोले, SIR के नाम पर 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए
प्रयागराज में हाईकोर्ट के पास शनिवार को ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन की ओर से भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में प्रदर्शन किया गया। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। संगठन ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर मुख्य चुनाव आयुक्त पर महाभियोग की कार्यवाही शुरू करने की मांग की। साथ ही संविधान के अनुच्छेद 78 के तहत प्रधानमंत्री से चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के पुनरीक्षण के संबंध में जानकारी तलब करने का अनुरोध किया है। हाईकोर्ट के पास संगोष्ठी में जुटे वकील संगठन की ओर से हाईकोर्ट के पास एक संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें बड़ी संख्या में संगठन से जुड़े अधिवक्ता शामिल हुए। इसमें आरोप लगाया गया है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। संगठन ने दावा किया कि इस प्रक्रिया में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम काटे जाने की आशंका है। ज्ञापन में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि मतदाता सूची से नाम हटाने और संशोधन की प्रक्रिया में मनमानी की जा रही है। संगठन के सचिव आशुतोष कुमार तिवारी ने बताया कि राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा गया है। इसमें तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई गई है।
फॉर्म-6 और फॉर्म-7 के इस्तेमाल पर सवाल
संगठन ने ज्ञापन में फॉर्म-6 के प्रारूप, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) के अधिकारों तथा मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया गया है कि मतदाता सूची को केंद्रीकृत करके संशोधन के दौरान मनमानी की जा रही है।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि भाजपा के एजेंटों की ओर से बड़ी संख्या में फॉर्म-7 भरे जा रहे हैं, जिनका इस्तेमाल मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए किया जाता है। संगठन ने इन आरोपों की जांच और चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग
ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन ने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप करने और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि मतदाता सूची की निष्पक्षता और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए इन आरोपों पर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
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