मुरादाबाद में CCTV में कैद हुआ तेंदुआ, ग्रामीण खौफजदा:2 महीने में 4 ग्रामीणों की मौत;22 तेंदुए पकड़े गए फिर भी बरकरार है तेंदुओं की दहशत
मुरादाबाद के ग्रामीण इलाकों में आतंक का पर्याय बन चुके आदमखोर तेंदुओं का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। तेंदुओं के आतंक से सर्वाधिक प्रभावित ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम रामपुर बलभद्र-लुखड़िया में एक बार फिर आदमखोर तेंदुआ आबादी के बेहद करीब नजर आया है। इस बार आदमखोर तेंदुए की यह खतरनाक चहलकदमी एक ग्रामीण के घर के बाहर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में लाइव कैद हो गई है। सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र के दर्जनों गांवों में दहशत का माहौल है और ग्रामीण रात-रात भर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। पिछले दो महीनों में 4 मौतें और दो दर्जन से अधिक ग्रामीण घायल ठाकुरद्वारा और कांठ तहसील क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में मानव-वन्यजीव संघर्ष ने विकराल रूप धारण कर लिया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, विगत 2 महीनों के भीतर आदमखोर तेंदुओं के हमलों में 4 बेकसूर ग्रामीणों की जान जा चुकी है। वहीं, गन्ने के खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों में अचानक हुए हमलों में24 से अधिक ग्रामीण घायल हो चुके हैं। जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। इस खौफ के कारण किसानों का खेतों पर जाना और बच्चों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। वन विभाग का महा-अभियान: अब तक 22 जिंदा तेंदुए कैद तेंदुओं के बढ़ते हमलों को देखते हुए जिला प्रशासन और वन विभाग की टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड पर हैं। वन विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत ठाकुरद्वारा और कांठ तहसील क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों से अब तक 22 जिंदा तेंदुओं का सफल रेस्क्यू किया जा चुका है। पिंजरों का जाल: वन विभाग ने दोनों तहसील क्षेत्रों के संवेदनशील और हॉटस्पॉट इलाकों में 47 पिंजरे (ट्रैप केज) लगाए हैं। मृतक तेंदुए और शावक: सर्च ऑपरेशन के दौरान क्षेत्र में 3 तेंदुए मृत अवस्था में पाए गए थे, जबकि सुरक्षात्मक दृष्टि से एक छोटे शावक का भी सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। प्रशासन की ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद वन विभाग की रेस्क्यू टीमों ने रामपुर बलभद्र-लुखड़िया और उसके आस-पास के गांवों में गश्त बढ़ा दी है। थर्मल-इमेजिंग ड्रोन और कैमरा ट्रैप की मदद से तेंदुए की सटीक लोकेशन ट्रेस की जा रही है। वन अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे शाम ढलने के बाद घरों से अकेले न निकलें, गन्ने के खेतों में समूह बनाकर लाठी-डंडों के साथ जाएं और बच्चों को पूरी तरह अपनी निगरानी में रखें। जब तक पिंजरे में आदमखोर कैद नहीं हो जाता, तब तक हाई अलर्ट जारी रहेगा।
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