मुरादाबाद में IB बोर्ड स्कूल को लेकर सरगरमी तेज:देश के 4 दिग्गज स्कूल तलाश रहे जमीन; इनकी सालाना फीस 30 से 40 लाख तक
दुनियाभर के 125 से अधिक देशों को सालाना 20 हजार करोड़ का एक्सपोर्ट करने वाले मुरादाबाद में IB बोर्ड स्कूल को लेकर सरगरमी तेज हो गई हैं। देश के 4 दिग्गज आईबी बोर्ड (इंटरनेशनल बोर्ड) स्कूलों के प्रतिनिधियों ने मुरादाबाद में जमीन की तलाश शुरू कर दी है। चर्चा है कि आने वाले 3-4 सालों में मुरादाबाद में किसी बड़े आईबी स्कूल की बुनियाद रखी जा सकती है।
दरअसल मुरादाबाद देश का इकलौता ऐसा शहर है जिसके अकेले एक शहर के 1200 से अधिक बच्चे आईबी बोर्ड स्कूलों में पढ़ रहे हैं। इसकी वजह भी है। क्योंकि मुरादाबाद पूरी दुनिया में पीतल नगरी के नाम से मशहूर है। यहां का मुख्य व्यवसाय हस्तशिल्प उत्पादों का निर्यात करना है। डायमंड इंडस्ट्री भी पसार चुकी है मुरादाबाद में अपने पैर पिछले 5 सालों में मुरादाबाद में डायमंड इंडस्ट्री ने भी तेजी से पैर पसारे हैं। देशभर के नामचीन ज्वेलरी और डायमंड शोरूम की चेन मुरादाबाद में आ चुकी है। बीते 5 सालों की ही बात करें तो 20 से अधिक नामचीन डायमंड और ज्वेलरी शोरूम मुरादाबाद में खुले हैं। मुरादाबाद में डायमंड और ज्वेलरी की बढ़ती सेल को देखते हुए डायमंड इंडस्ट्री यहां पैर पसार चुके है। इसके बाद अब यहां आईबी बोर्ड स्कूलों की आहट सुनी जा रही है। 125 देशों को निर्यात करता है मुरादाबाद मुरादाबाद के बिजनेस की रूट्स दुनिया के 125 देशों तक फैली हैं। ऐसे में यहां रहने वाले निर्यातक, डॉक्टर और ज्वेलर्स अपने बच्चों को विदेशों में पढ़ाना चाहता हैं। ताकि युवावस्था से ही उन्हें विदेशी तौर तरीकों, वहां की भाषा और विहेवियर के लिए सहज किया जा सके। इसीलिए ज्यादातर निर्यातक अपने बच्चों को हायर स्टडी के लिए विदेश भेज रहे हैं। बच्चों को अमेरिका, यूके,आस्ट्रेलिया, और जर्मनी आदि देशों की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज में एडमिशन दिलाने के लिए आईबी बोर्ड एक मजबूत विंडो का काम करते हैं। देश के कई आईबी बोर्ड स्कूल तो सीधे-सीधे विदेश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज से जुड़े हैं। इसलिए मुरादाबाद के अधिकांश निर्यातक, डॉक्टर और ज्वेलर्स अपने बच्चों को आईबी बोर्ड स्कूलों में पढ़ाने पर फोकस कर रहे हैं। यही वजह है कि मुरादाबाद से छात्र संख्या अधिक देखते हुए आईबी बोर्ड स्कूलों ने मुरादाबाद में फिजिबिलिटी चेक कराना शुरू कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि देश के जिन 4 बड़े नामचीन आईबी बोर्ड के प्रतिनिधियों ने मुरादाबाद में जमीन की सर्च शुरू की है उनमें देश के दिग्गज और नामचीन स्कूल भी शामिल हैं। फीस के मामले में देखें तो मसूरी का वुडस्टॉक स्कूल करीब 40 लाख रुपए सालाना फीस के साथ लिस्ट में टॉप फाइव में शामिल है। मुंबई का अमेरिकन स्कूल ऑफ बॉम्बे भी करीब 35 लाख रुपए सालाना फीस लेता है। यह एक प्रीमियम डे-स्कूल है। जहां विदेशी राजनयिकों के बच्चे भी पढ़ते हैं। स्कूल में एडमिशन के लिए 20 लाख रुपए वन टाइम एडमिशन फीस भी भरनी होती है। यूडब्ल्यूसी महिंद्रा कॉलेज, पुणे भी करीब 30 लाख सालाना की फीस वाला एक विशेष अंतरराष्ट्रीय आवासीय कॉलेज है। हैरो इंटरनेशनल स्कूल, बेंगलुरु भी करीब 30-35 लाख रुपए सालाना की फीस के साथ डे- स्कॉलर और बोर्डिंग, दोनों विकल्प देता है। यह यूके (UK) के मशहूर 'हैरो स्कूल' का भारतीय कैंपस है, जिसकी शुरुआत हाल ही में अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ बेंगलुरु में की गई है। मुरादाबाद में जिन इलाकों में आईबी बोर्ड स्कूलों के प्रतिनिधि स्कूलों के लिए जमीन तलाश कर रहे हैं उनमें दिल्ली हाईवे और हरिद्वार हाईवे शामिल है। नेशनल हाईवे होने की वजह से दिल्ली रोड पर संभावनाएं अधिक हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)