नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा:सोनभद्र में कोर्ट ने 40 हजार रुपए का लगाया जुर्माना, 7 साल बाद आया फैसला
सोनभद्र में सात साल पुराने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ओमकार शुक्ला की अदालत ने गुरुवार को दोषी छोटेलाल पुत्र प्रह्लाद को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर उसे छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। अर्थदंड की पूरी राशि पीड़िता को दी जाएगी। 2019 में दर्ज कराया गया था मुकदमा अभियोजन पक्ष के अनुसार, 27 जून 2019 को दुद्धी थाने में तहरीर देकर शिकायत की गई थी कि 22 जून 2019 की भोर में छोटेलाल पुत्र प्रह्लाद अगरिया, निवासी हथवानी साउडीह, थाना हाथीनाला, सोनभद्र, पीड़िता को अपने साथ ले गया था। शिकायतकर्ता ने घर पर नतिनी को नहीं पाया तो उसकी तलाश शुरू की। बाद में पता चला कि छोटेलाल उसे बहला-फुसलाकर ले गया है। तहरीर में आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर पीड़िता को वापस लाने की मांग की गई थी। घटना के समय पीड़िता की उम्र करीब 13 वर्ष दो माह थी, जबकि अभियुक्त की उम्र लगभग 35 वर्ष बताई गई थी। साक्ष्यों के आधार पर सुनाई सजा पुलिस ने तहरीर के आधार पर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पीड़िता के बयान, चिकित्सकीय परीक्षण, जन्मतिथि प्रमाण-पत्र सहित अन्य साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। अदालत ने दोनों पक्षों के गवाहों और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय के आदेश के अनुसार, अर्थदंड की पूरी 40 हजार रुपये की राशि नियमानुसार पीड़िता को चिकित्सा, मानसिक आघात की भरपाई और पुनर्वास में सहायता के लिए दी जाएगी।
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