नाम जुड़वाने के लिए 2003 के रिकार्ड की जरूरत नहीं:विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान में कम दिखी दिलचस्पी, बूथों पर आए औसतन 5 से 6 आवेदन
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में विशेष मतदाता पंजीकरण के लिए शनिवार को कैंप लगाया गया। इस कैंप का मकसद मतदाता सूची से छूटे पात्र नागरिकों और पहली बार वोट देने वाले युवाओं को शामिल करना है। ये कैंप 17 अक्टूबर को लगे और 24 अक्टूबर को भी पूरे प्रदेश में आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान में समाजवादी पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं। बिना 2003 के रिकार्ड भी जुड़ सकेंगे नाम लखनऊ मध्य विधानसभा में बलटर पैलेस पोलिंग स्टेशन पर बैठे बीएलओ लोकेंद्र कुमार उप्रेती कहते हैं कि नए नाम जोड़ने के लिए एसआईआर के दौरान की प्रक्रिया नहीं अपनानी होगी। केवल बर्थ सर्टिफिकेट और एड्रेस प्रूफ के आधार पर फार्म 6 भर कर नाम जोड़े जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम अप्रैल में समाप्त हुए एसआईआर में किन्हीं वजहों से कट गए थे, वे भी 2003 के रिकार्ड के बिना भी अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वा सकते हैं। जन्मतिथि प्रमाणपत्र के लिए आधार कार्ड को भी विकल्प के तौर पर शामिल किया गया है। PDA प्रहरियों को अखिले के निर्देश समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने पार्टी के बूथ प्रभारियों और PDA प्रहरियों से अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि फर्जी वोटरों के नाम जुड़ने से रोका जाए और सभी पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल होने का मौका मिले। अखिलेश यादव का कहना है कि बार बार रिवीजन क्यों हो रहा है? जब एक बार एसआईआर हो गया तो विशेष अभियान और फिर एसएसआर क्यों कराया जा रहा है?
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