नगर निगम की जमीन पर कब्जा, बुलडोजर से ढहाई दीवार:आगरा के बाबरपुर में किया अवैध निर्माण, महिलाओं ने किया विरोध
आगरा के बाबरपुर में कुछ लोगों ने आवासीय पट्टे का हवाला देकर नगर नगम की जमीन पर कब्जा कर लिया। खाली जमीन पर बाउंड्री कर ली। जानकारी होने पर मौके पर पहुंची नगर निगम की टीम ने अवैध निर्माध को बुलडोजर की मदद से ढहा दिया। इस बीच कुछ महिलाओं ने विरोध किया लेकिन नगर निगम की टास्क फोर्स के सामने वे टिक नहीं सकीं। आगरा के बाबरपुर में सरकारी भूमि पर आवासीय पट्टे का हवाला देकर कब्जा करने के प्रयास को नगर निगम ने नाकाम कर दिया। गाटा संख्या 1/1 की खाली पड़ी जमीन पर भूपेंद्र नामक व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराया जा रहा था। इसकी जानकारी मिलने पर नगर निगम की टीम टास्क फोर्स के साथ मौके पर पहुंची और निर्माणाधीन दीवार को ध्वस्त कर सरकारी भूमि पर किए जा रहे कथित अवैध निर्माण को रोक दिया गया। सहायक नगर आयुक्त श्रद्धा पांडेय ने बताया कि बाबरपुर स्थित गाटा संख्या 1/1 की भूमि पर लगातार कब्जे के प्रयास किए जाने की जानकारी सामने आ रही थी। सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से नगर निगम प्रशासन ने पूर्व में यहां अपने स्वामित्व से संबंधित बोर्ड भी लगवाया था, ताकि भूमि की स्थिति स्पष्ट रहे और कोई उस पर अनधिकृत कब्जा न कर सके। आरोप है कि पिछले दिनों भू-माफिया ने इस बोर्ड को उखाड़कर फेंक दिया। इस मामले में नगर निगम प्रशासन की ओर से थाना हरीपर्वत में प्रार्थना पत्र भी दिया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि बोर्ड उखाड़े जाने के मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही थी। इसी बीच मंगलवार को भूपेंद्र नामक व्यक्ति द्वारा उक्त भूमि पर बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराए जाने की सूचना मिली। इस पर राजस्व निरीक्षक शालिनी सिंह नगर निगम की टास्क फोर्स के साथ तत्काल मौके पर पहुंचीं। टीम ने निर्माण कार्य रुकवाते हुए अवैध रूप से बनाई जा रही दीवार को ध्वस्त करा दिया। पट्टे का होने का दावा सहायक नगर आयुक्त के अनुसार, मौके पर निर्माण करा रहे व्यक्ति ने दावा किया कि उसके पास ग्राम प्रधान द्वारा जारी किया गया आवासीय पट्टा है। इस दावे के मद्देनजर उसे संबंधित दस्तावेजों के साथ नगर निगम कार्यालय में उपस्थित होकर भूमि से जुड़े अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था, ताकि कागजातों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जा सके। लेकिन दस्तावेज लेकर कार्यालय पहुंचने के बजाय उसने मौके पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया।
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी भूमि पर स्वामित्व या पट्टे का दावा करने मात्र से वहां निर्माण अथवा कब्जा करने का अधिकार स्वतः नहीं मिल जाता। संबंधित दस्तावेजों की जांच और भूमि की वास्तविक स्थिति का सत्यापन आवश्यक है। इसी उद्देश्य से व्यक्ति को अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। नगर आयुक्त ने दी चेतावनी
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने कहा है, नगर निगम की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे या अनधिकृत निर्माण की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भूमि पर दावा करने वाले व्यक्ति को नियमानुसार संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने चाहिए। दस्तावेजों की जांच के बिना किसी को भी सरकारी जमीन पर निर्माण करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। नगर निगम की संपत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए अभियान जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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