नगर निगम में 20 करोड़ के विकास कार्यों की मंजूरी:मंगल भवन से कन्वेंशनल सेंटर तक नगर आयुक्त से मांगा जवाब, 9 अक्टूबर को फिर बैठक
कानपुर नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में शहर के विकास से जुड़े करीब 20 करोड़ रुपए के प्रस्ताव पास किए गए। इनमें सड़क-नाली निर्माण, सीवर लाइन, फुटपाथ, स्ट्रीट लाइट, पार्कों के सुंदरीकरण और विभिन्न वार्डों में विकास कार्य शामिल हैं। हालांकि नगर आयुक्त से मंगल भवन समेत 3 अहम मुद्दों पर जवाब नहीं मिलने के कारण बैठक एक बार फिर स्थगित कर दी गई। अब महापौर प्रमिला पांडेय ने 9 अक्टूबर को कार्यकारिणी की बैठक दोबारा बुलाने के निर्देश दिए हैं। इसमें नगर आयुक्त से लंबित मामलों पर जवाब मांगा जाएगा। 20 करोड़ के विकास कार्यों पर लगी मुहर महापौर प्रमिला पांडेय ने बताया कि कार्यकारिणी ने कुल 20 करोड़ रुपए के विकास कार्यों को मंजूरी दी है। इसमें 8 करोड़ रुपए की स्ट्रीट लाइट, 8 करोड़ रुपए से 40 पार्कों का सुंदरीकरण और करीब 4 करोड़ रुपए के सड़क निर्माण के कार्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के अंदर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर वर्क ऑर्डर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। संशोधित एजेंडे में कुल 115 प्रस्ताव रखे गए थे। इनमें 15 पुराने और 100 नए प्रस्ताव शामिल हैं। नए प्रस्तावों में 15 नामकरण, विभिन्न वार्डों में लाइटिंग व्यवस्था से जुड़े 40 और 40 पार्कों के सुंदरीकरण के प्रस्ताव शामिल हैं। हर वार्ड में दिवाली तक कूड़ा गाड़ी और 5 सफाईकर्मी महापौर ने बताया कि दिवाली तक हर वार्ड में एक कूड़ा गाड़ी, ई-रिक्शा ट्रॉली और पांच-पांच सफाईकर्मी उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे वार्डों में सफाई व्यवस्था को बेहतर करने का दावा किया गया है। इसके प्रस्ताव भी कार्यकारिणी में पास हो गए हैं। मंगल भवन और कन्वेंशनल सेंटर पर नगर आयुक्त से जवाब तलब बैठक में मंगल भवन की कमेटी भंग किए जाने, कूड़ा उठान और कन्वेंशनल सेंटर से जुड़े मामलों पर भी नगर आयुक्त से जवाब मांगा गया। महापौर ने बताया कि इन मामलों में नगर आयुक्त की ओर से तत्काल जवाब नहीं दिया गया और दो दिन का समय मांगा गया है। अब 9 अक्टूबर की बैठक में नगर आयुक्त को इन मुद्दों पर जवाब देना होगा। महापौर ने कहा कि अगर नगर आयुक्त ने जवाब नहीं दिया तो कार्यकारिणी की बैठक स्थगित कर शासन को पूरे मामले की जानकारी भेजी जाएगी। बरातशाला-धर्मशाला की चाबियां संपत्ति विभाग में जमा होंगी इसके अलावा शहर की बरातशालाओं और धर्मशालाओं की चाबियां संपत्ति विभाग में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इनका लेखा-जोखा भी अब संपत्ति विभाग द्वारा रखा जाएगा। खबर अपडेट की जा रही है…
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