NHM कर्मी 12 अक्टूबर से लखनऊ में प्रदर्शन करेंगे:मथुरा में तीसरे दिन भी धरना जारी रहा, नियमितीकरण समेत 6 मांगें उठाईं
मथुरा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों का सीएमओ कार्यालय पर चल रहा तीन दिवसीय धरना शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारी नियमितीकरण, समान काम के लिए समान वेतन और सामाजिक सुरक्षा समेत छह मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 12 अक्टूबर से प्रदेश के सभी 75 जिलों के कर्मचारी लखनऊ में धरना-प्रदर्शन करेंगे। नियमितीकरण से लेकर कैशलेस बीमा तक की मांग एनएचएम कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अमर गोपाल अत्री ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन के जरिए शासन का ध्यान इस ओर खींचने की कोशिश की जा रही है। मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन प्रदेश स्तर पर तेज किया जाएगा। कर्मचारियों की छह प्रमुख मांगों में स्वास्थ्य विभाग में नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन और 10 लाख रुपए का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा शामिल है। इसके अलावा सभी कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) और ग्रेच्युटी का लाभ देने, ठेका प्रथा समाप्त करने और स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की गई। स्वास्थ्य सेवाओं में भूमिका, सुविधाओं में भेदभाव का आरोप कर्मचारियों का कहना है कि वे स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं नहीं मिलतीं। उनका मानना है कि नियमितीकरण, समान वेतन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी मांगों पर फैसला होने से कर्मचारियों को राहत मिलेगी। चिकित्सक, एएनएम और प्रबंधकीय स्टाफ भी शामिल धरने में दया शंकर, गोविंद, विवेक सारस्वत, नारायण सिंह और मोहन सहित जिले के सभी ब्लॉक और शहरी क्षेत्र के कर्मचारी शामिल हुए। इनमें संविदा चिकित्सक, एएनएम, प्रोग्राम मैनेजर, अकाउंट मैनेजर, कम्युनिटी मैनेजर और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के कर्मचारी शामिल रहे। कर्मचारियों ने शासन से जल्द मांगें पूरी करने की अपील की।
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