नीट यूजी-2026 दिव्यांगता प्रमाणपत्र में गड़बड़ी, बिहार के दो गिरफ्तार:इटावा में अभिलेखों और फोटो में अंतर मिलने पर न्यायालय ने भेजा जेल
इटावा। सैफई स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में नीट यूजी-2026 के तहत दिव्यांगता प्रमाणपत्र के चिकित्सकीय आकलन के दौरान अभिलेखों और अभ्यर्थी के फोटो में अंतर मिलने का मामला सामने आया है। इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने बिहार के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। बुधवार शाम करीब पांच बजे दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्याम सुंदर पुत्र योगेंद्र प्रसाद निवासी गांव इनरवा, जिला मधुबनी और रजनीश कुमार उर्फ राजेश कुमार निवासी दोधरा, थाना बिहटा, जिला पटना, बिहार के रूप में हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन की तहरीर के आधार पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। विश्वविद्यालय में नीट यूजी-2026 की प्रक्रिया के तहत दिव्यांगता प्रमाणपत्र के चिकित्सकीय आकलन के दौरान अभिलेखों और अभ्यर्थी के छायाचित्र में भिन्नता पाई गई थी। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की और पुलिस को शिकायत दी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुलपति प्रो. डॉ. अजय सिंह के मार्गदर्शन में मूल्यांकन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया। प्रशासन का कहना है कि प्रवेश प्रक्रिया में नियमों का पालन सुनिश्चित करना और किसी भी तरह की अनियमितता पर कार्रवाई करना जरूरी है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि नीट यूजी-2026 की प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और संस्थान की गरिमा बनाए रखने के लिए अनियमितताओं के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाएगी।
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