उन्नाव में नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा:मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता

Oct 15, 2026 - 07:37
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उन्नाव में नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा:मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता
उन्नाव में नवरात्र के पांचवे दिन दुर्गा के स्वरूप में मां स्कंदमाता के दर्शन के लिए गुरुवार सुबह से ही दुर्गा मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। राजधानी मार्ग स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर में भोर पहर से ही भक्तों की भीड़ देखी गई। दिन भर मां का पूजा पाठ चलता रहेगा। मंदिरों में बज रहे मां के गीतों व भजनों से नगर भक्तिमय बना रहा। गुरुवार को मां स्कंदमाता के स्वरूप के दर्शन के लिए मां के दरबार को भव्य तरीके से सजाया गया। भोर पहर से ही मां के जयकारे लगते रहे। दुर्गा मंदिर के पंडित विनोद पांडे ने बताया कि मां स्कंदमाता की विधि विधान से पूजा अर्चना करने से ऐच्छिक मनोकामनाएं पूरी होती है। उपवास रखकर व दुर्गा शप्तशती पाठ करके भक्तों ने मां को प्रसन्न किया। उपासना से महिलाओं की सूनी गोद भर जाती है मान्यता है कि कि मां दुर्गा के पंचम स्वरूप देवी स्कंदमाता की उपासना से महिलाओं की सूनी गोद भर जाती है। जीवन खुशहाली से परिपूर्ण रहता है। पहाड़ों पर रहकर सांसारिक जीवों में नवचेतना का बीज बोने वाली देवी कहलाती हैं। मां स्कंदमाता। वहीं महिला श्रद्धालुओं ने मंदिरों में माता के भजन कीर्तन गाए। मंदिरों में प्रसाद वितरण किया गया- इसके अलावा कंचन नगर स्थित कंचनामाई मंदिर, अंबिकापुरम स्थित नवदुर्गा मंदिर, महेश मार्ग स्थित सिद्धिधात्री मंदिर, डाकतार कालोनी स्थित सोमा गौरी मंदिर, गांधीनगर स्थित काली मंदिर, नेहरु नगर दुर्गा मंदिर, पोनीरोड झंडे चौराहा स्थित झंडेश्वर मंदिर, बिन्दानगर स्थित दुर्गा मंदिर, बालूघाट स्थित गायत्री शक्तिपीठ, गंगा विशुनघाट दुर्गा मंदिर, के अलावा तमाम देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। दुर्गा मंदिर में भक्तों के लगता है तांता राजधानी मार्ग स्थित दुर्गा मंदिर बहुत ही प्राचीन है। यहां की मान्यता है कि भक्त जो भी मानते हैं। उनकी हर मुराद पूरी होती है। इसलिए सुबह से लेकर शाम तक भक्तों की दर्शन पाने के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुबह शाम पुलिस बल भी तैनात है।

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