ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के नाम पर करोड़ों की ठगी:इटावा में चार आरोपी गिरफ्तार, 42 एटीएम-डेबिट कार्ड बरामद
इटावा में ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने बुधवार दोपहर 3 बजे खुलासा किया है। एसओजी, सर्विलांस और सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 16 मोबाइल फोन, 42 एटीएम और डेबिट कार्ड, छह सिम कार्ड, एक लैपटॉप, बैंक से जुड़े दस्तावेज और लेन-देन का हिसाब रखने वाले तीन रजिस्टर बरामद किए गए हैं। पुलिस ने ठगी की रकम से खरीदी गई एक थार और एक स्कॉर्पियो गाड़ी भी बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, संयुक्त टीम अंबेडकर चौराहा ओवरब्रिज के नीचे संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। चार आरोपियों को गिरफ्तार किया इसी दौरान घेराबंदी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अंशुल उर्फ अंशु तिवारी निवासी लवेदी, इटावा, रॉकी राणावत निवासी बलरई क्षेत्र, इटावा, अंकित मिश्रा उर्फ राहुल निवासी इकदिल, इटावा और मोहित उर्फ रोहित यादव निवासी अछल्दा, औरैया के रूप में हुई है। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर ठगी करने का तरीका बताया। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए लोगों को खेल में रुपये लगाने और हार-जीत के माध्यम से कमाई करने का लालच देते थे। इसके अलावा वे लोगों को कमीशन देने का झांसा देकर उनके फोटो, आधार कार्ड और अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज हासिल कर लेते थे। इन दस्तावेजों के आधार पर कथित रूप से फर्जी कागजात तैयार कराए जाते थे और अलग-अलग लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते थे। सिम कार्ड का इस्तेमाल रकम के लेन-देन में किया जाता ऐसे खातों को साइबर अपराध की भाषा में म्यूल अकाउंट कहा जाता है। इन खातों से जुड़े एटीएम कार्ड और दूसरे लोगों के नाम पर लिए गए सिम कार्ड का इस्तेमाल रकम के लेन-देन में किया जाता था। पुलिस के अनुसार, ठगी से हासिल रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करने या निकालने के बाद आपस में बांट लिया जाता था। इसी रकम से महंगी गाड़ियां और दूसरी संपत्तियां खरीदे जाने की बात भी सामने आई है। बरामद तीन रजिस्टरों में लेन-देन का हिसाब दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
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