नोएडा की सुपरनोवा में पीजी, हॉस्टल व AIRNANB नहीं चलेगा:छात्रों और बैचलर्स की बजाए वार्किंग प्रोफेशनल्स को रखने की सलाह दी गई

Oct 03, 2026 - 10:29
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नोएडा की सुपरनोवा में पीजी, हॉस्टल व AIRNANB नहीं चलेगा:छात्रों और बैचलर्स की बजाए वार्किंग प्रोफेशनल्स को रखने की सलाह दी गई
नोएडा के सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा सोसायटी में अब छात्रों और बैचलर्स को फ्लैट किराए पर देने को लेकर नई व्यवस्था लागू की गई है। सुपरनोवा अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (SNAOA) ने टेनेंसी, ऑक्यूपेंसी और रेजिडेंट कंडक्ट पॉलिसी-2026 को मंजूरी दी है। इसके तहत फ्लैट मालिकों को छात्रों और बैचलर्स के बजाय परिवार या वर्किंग प्रोफेशनल्स को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है। ये नोटिस बीएमडब्ल्यू कार के बैरियर तोड़ने के बाद सामने आया। पहले से रह रहे छात्रों या बैचलर्स को भी एक महीने का नोटिस देकर फ्लैट खाली कराने और परिवार को किराए पर देने का प्रावधान रखा गया है। हालांकि, अगर मालिक उन्हें जारी रखना चाहता है तो मामला टेनेंसी कमेटी के सामने रखना होगा। कमेटी की मंजूरी नहीं मिलने पर संबंधित किरायेदार को एक महीने के भीतर फ्लैट खाली करना होगा। पीजी, हॉस्टल और Airbnb पर रोक नीति में फ्लैट को हॉस्टल, डॉर्मिटरी, पीजी, Airbnb, गेस्ट हाउस या व्यावसायिक लॉजिंग के रूप में इस्तेमाल करने पर रोक लगाई गई है, जहां ऐसा उपयोग कानून या सोसायटी के नियमों के खिलाफ है। ओवरक्राउडिंग और अनधिकृत सबलेटिंग भी प्रतिबंधित होगी। शराब, धूम्रपान और नशे पर भी सख्ती लिफ्ट, लॉबी, कॉरिडोर, सीढ़ियों और अन्य कॉमन एरिया में धूम्रपान और शराब या नशीले पदार्थों का सेवन प्रतिबंधित रहेगा। हिंसा, धमकी, अवैध हथियार, ड्रग्स, धोखाधड़ी, वेश्यावृत्ति या अन्य आपराधिक गतिविधि सामने आने पर एसोसिएशन संबंधित पुलिस या सक्षम एजेंसी को सूचना देगी। बार-बार उल्लंघन पर अंतिम नोटिस शिकायत मिलने पर सामान्य मामलों में पहले नोटिस और जवाब का अवसर देने का प्रावधान है। बार-बार उल्लंघन होने पर अंतिम नोटिस जारी किया जा सकता है। गंभीर या आपराधिक मामलों में पुलिस को तुरंत सूचना देने की व्यवस्था है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि वह खुद कानून के विपरीत किसी किरायेदार को बेदखल नहीं कर सकती। पुलिस वेरिफिकेशन के बिना नहीं मिलेगा कब्जा नई नीति के अनुसार फ्लैट का कब्जा देने से पहले किरायेदार का पुलिस/टेनेंट वेरिफिकेशन जरूरी होगा। मालिक को किरायेदार की पहचान, संपर्क नंबर, स्थायी पता, इमरजेंसी कॉन्टैक्ट, वाहन की जानकारी, रहने वाले लोगों की संख्या और किरायानामा समेत अन्य दस्तावेज SNAOA को देने होंगे। नए किरायेदार के आने या किसी निवासी के बदलने की जानकारी भी एसोसिएशन को देनी होगी।

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