नवंबर में चलेगा डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान:फेस ऑथेंटिकेशन से बनेगा प्रमाण पत्र, घर नहीं छोड़ पाने वाले बुजुर्गों को डाकिया देगा सुविधा
बलिया में पेंशनभोगियों को जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए अब बैंक या कोषागार के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नवंबर में राष्ट्रीय डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत पेंशनभोगियों को घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा दी जाएगी। वरिष्ठ कोषाधिकारी अभिषेक वर्मा ने बताया कि भारत सरकार के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग की ओर से यह पहल की जा रही है, ताकि बुजुर्गों और अस्वस्थ पेंशनभोगियों को राहत मिल सके। स्मार्टफोन के कैमरे से होगा फेस ऑथेंटिकेशन अभियान के तहत एंड्रॉयड स्मार्टफोन के फ्रंट कैमरे से फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे पेंशनभोगियों को फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैनर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। खासकर उन बुजुर्गों को इसका लाभ मिलेगा, जिनकी उम्र बढ़ने के साथ उंगलियों के निशान स्पष्ट नहीं रहते और बायोमेट्रिक सत्यापन में परेशानी होती है। घर पहुंचकर मदद करेगा डाकिया जो पेंशनभोगी बीमारी या अधिक उम्र के कारण घर से बाहर नहीं जा सकते, उनके लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) की डोरस्टेप सेवा भी उपलब्ध होगी। इसके तहत डाकिया पेंशनभोगी के घर पहुंचकर डिजिटल या बायोमेट्रिक तरीके से जीवन प्रमाण पत्र जमा करने में मदद करेगा। इससे ऐसे लोगों को बैंक या कोषागार तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बुजुर्गों को मिलेगी राहत डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान का उद्देश्य पेंशनभोगियों के लिए प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक बनाना है। फेस ऑथेंटिकेशन और डोरस्टेप सेवा जैसी सुविधाओं से वरिष्ठ नागरिकों और अस्वस्थ पेंशनभोगियों को समय और मेहनत की बचत होगी। साथ ही, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र जमा करने में सहूलियत मिलेगी।
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