नवरात्रि उत्सव शुरू:सोना देवी मंदिर में उमड़ी भीड़, मां शैलपुत्री की पूजा की
नवरात्रि के प्रथम दिन मां भवानी के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए श्रद्धालु अलसुबह से ही कतारों में लगे नजर आए। सोनई स्थित प्राचीन मां सोना देवी मंदिर में माता के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। हाथों में पूजा की थाल और चुनरी लिए भक्तों की गहरी आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था। जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां शैलपुत्री की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सेवायत ने सुनाई सती के आत्मदाह की कथा इस पावन अवसर पर मंदिर के सेवायत ने श्रद्धालुओं को मां शैलपुत्री की महिमा और उनके प्राकट्य की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, राजा दक्ष द्वारा आयोजित यज्ञ में जब भगवान शिव और पुत्री सती को आमंत्रित नहीं किया गया, तब सती बिना निमंत्रण के ही वहां पहुंच गईं। वहां दक्ष ने शिव का भारी अपमान किया, जिसे सहन न कर पाने पर माता सती ने क्रोधित होकर यज्ञ कुंड की अग्नि में कूदकर अपने प्राण त्याग दिए। हिमालय के घर जन्म लेने से कहलाईं 'शैलपुत्री' कथा का वर्णन करते हुए सेवायत ने बताया कि सती के आत्मदाह की घटना से अत्यंत क्रोधित होकर भगवान शिव ने राजा दक्ष के यज्ञ का पूरी तरह विध्वंस कर दिया। कालांतर में माता सती ने अपना अगला जन्म पर्वतराज हिमालय के घर में लिया। पर्वत (शैल) की पुत्री होने के कारण ही वे 'शैलपुत्री' कहलाईं। नवरात्रि के पहले दिन इन्हीं मां शैलपुत्री की उपासना का विधान है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)