ओबरा तहसील के पेशकार पर रिश्वत मांगने का आरोप:जमीन विवाद सुलझाने के लिए 20 हजार रुपए लेने का दावा, वीडियो सामने आया

Oct 06, 2026 - 15:11
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ओबरा तहसील के पेशकार पर रिश्वत मांगने का आरोप:जमीन विवाद सुलझाने के लिए 20 हजार रुपए लेने का दावा, वीडियो सामने आया
सोनभद्र में जमीन विवाद के एक मामले में ओबरा तहसील के पेशकार पर रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है। कोंगा निवासी रामदयाल का आरोप है कि जमीन से जुड़े मामले के निस्तारण के नाम पर उनसे 25 हजार रुपये की मांग की गई। उनका दावा है कि करीब डेढ़ से दो महीने पहले उन्होंने 20 हजार रुपये दिए थे। इसके बावजूद मामले का निस्तारण नहीं हुआ। अब कथित बातचीत और लेनदेन से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। रामदयाल के मुताबिक, धनखोर, आजनगिरा और कोंगा गांवों में करीब 80 से 85 बीघा जमीन के सर्वे में गड़बड़ी कर अलग-अलग लोगों के नाम जमीन दर्ज किए जाने का आरोप है। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री स्तर तक शिकायत की गई थी। रामदयाल का कहना है कि शिकायत की जांच के दौरान गांव से भी साक्ष्य लिए गए थे। उनका दावा है कि जांच के बाद उनके पक्ष में जमीन के अभिलेखों में सुधार का आदेश होने की बात कही गई थी। बहस पूरी होने के बाद पेशकार के पास लंबित थी फाइल रामदयाल के अनुसार, जमीन विवाद का मामला ओबरा तहसील में चल रहा था। मामले में बहस पूरी होने के बाद फाइल पेशकार के पास लंबित थी। इसी दौरान उनसे रुपये की मांग किए जाने का आरोप है। उनका दावा है कि उन्होंने बच्चों के खर्च में कटौती कर 20 हजार रुपये दिए थे। आरोप है कि उन्हें एक सप्ताह में काम होने का भरोसा दिया गया था, लेकिन डेढ़ से दो महीने बीतने के बाद भी मामले का निस्तारण नहीं हुआ। रामदयाल का यह भी आरोप है कि अब संबंधित पेशकार उनका फोन रिसीव नहीं कर रहे हैं। फसल काटने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी का भी आरोप रामदयाल ने जमीन विवाद को लेकर दबंगई और धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उन्हें फसल काटने, रास्ता रोकने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकियां दी गईं। उन्होंने कथित रिश्वत मांगने और बातचीत का वीडियो बनाए जाने का भी दावा किया है। उनका कहना है कि वीडियो सामने आने के बाद उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। तहसील प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई मामले में ओबरा तहसील प्रशासन या संबंधित पेशकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वायरल वीडियो और रामदयाल की शिकायत की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पीड़ित ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने और जमीन विवाद का समाधान कराने की मांग की है।

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