ओमान में ड्रोन हमले के बाद देवरिया के वीरबहादुर लापता:परिजनों ने विदेश मंत्रालय से मांगी मदद, पेट्रो डॉल्फिन टैंकर पर काम करते थे

Oct 17, 2026 - 08:35
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ओमान में ड्रोन हमले के बाद देवरिया के वीरबहादुर लापता:परिजनों ने विदेश मंत्रालय से मांगी मदद, पेट्रो डॉल्फिन टैंकर पर काम करते थे
ओमान में टैंकर पर हुए ड्रोन हमले के बाद बरहज क्षेत्र के बड़कागांव निवासी वीरबहादुर यादव का 6 दिन बाद भी कोई पता नहीं चल पाया है। समुद्र में उनकी तलाश जारी है। शुक्रवार को विदेश मंत्रालय के अधिकारी दिनेश राणा ने वीरबहादुर के बड़े भाई मंटू यादव से फोन पर बात की और परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया। अधिकारियों ने बताया कि समुद्र में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। वीरबहादुर दुबई की एसके इंजीनियरिंग शिपिंग कंपनी के एमटी पेट्रो डॉल्फिन टैंकर पर काम करते थे। वह करीब छह महीने पहले पहली बार मर्चेंट नेवी के माध्यम से ओमान गए थे। परिजनों के मुताबिक, 11 अक्टूबर को जहाज पर हुए हमले के बाद वीरबहादुर और उनके साथी अमित सिंह लापता हो गए। बताया जा रहा है कि जहाज करीब एक महीने से बंदरगाह पर खड़ा था और वहां मरम्मत का काम चल रहा था। घटना के समय दोनों जहाज के अगले हिस्से में मरम्मत कार्य में सहयोग कर रहे थे। कंपनी और कैप्टन के संपर्क में परिजन वीरबहादुर के बड़े भाई मंटू यादव ने बताया कि विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने फोन कर तलाश की जानकारी दी। उनके मुताबिक, अधिकारियों ने सर्च ऑपरेशन में 72 घंटे तक का समय लगने की बात कही है। परिजन कंपनी के अधिकारियों और जहाज के कैप्टन के संपर्क में भी हैं। कंपनी के निदेशक सेवाराम पांडेय और कैप्टन ने उन्हें वीरबहादुर की तलाश जारी होने की जानकारी दी है। मंटू के मुताबिक, घटना से एक दिन पहले वीरबहादुर ने दोस्त के मोबाइल से उनसे करीब आधे घंटे तक बातचीत की थी। उस दौरान उसने दो दिन पहले एक बड़े जहाज पर ड्रोन हमले और वहां मलबा समेटे जाने की बात बताई थी। अब वीरबहादुर से संपर्क नहीं होने के कारण परिवार के लोग परेशान हैं। डीएम से मिलकर मांगी मदद मंटू यादव शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी से मिलकर भाई की तलाश में मदद की गुहार लगाई। उनके अनुसार, डीएम ने प्रार्थना पत्र लेने के बाद दूतावास से संपर्क कर बातचीत करने की बात कही। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद से वे वीरबहादुर के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। मां मंजू देवी, बहन गिरिजा और रीना का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोग वीरबहादुर की सुरक्षित वापसी की दुआ कर रहे हैं।

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