ओवैसी बोले- हमने अखिलेश से अपनी बात कह दी:बिहार का उदाहरण भी दिया; शौकत बोले- 27 में सपा 27 सीट पर सिमटेगी
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। कहा, हमारी बातों से सपा प्रमुख को तकलीफ होती है। हम कहते हैं कि हम दरी नहीं बिछाएंगे, हम वोट बैंक नहीं हैं। हमें हमारा हक मिलना चाहिए। हम कहते हैं कि मुसलमानों की एक पॉलिटिकल एजेंसी होनी चाहिए। जाहिर है, जो लोग इस सच्चाई को स्वीकार नहीं करते, उन्हें तकलीफ होती होगी। सपा से गठबंधन पर ओवैसी ने कहा- हमारी पार्टी ने अपनी बात साफ कर दी है। हमने बिहार का भी उदाहरण दिया है। जो भी गठबंधन होगा, आप लोगों को बता दिया जाएगा। अखिलेश यादव से गठबंधन की संभावना पर ओवैसी ने फिलहाल पत्ते नहीं खोले। ओवैसी रविवार को श्रावस्ती में जनसभा को संबोधित करने के लिए लखनऊ पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने यह बातें कहीं। वहीं, AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, अगर कोई गठबंधन बनता है, जिसमें मुस्लिम नेतृत्व न हो और AIMIM शामिल न हो, तो वह गठबंधन नहीं बल्कि एक धोखा है। ऐसा गठबंधन समाज के दबे-कुचले, मुस्लिम, वंचित और शोषित वर्गों का शोषण करेगा। जिसने इंडी गठबंधन को हराया, उसी के बेटे को सपा ने टिकट दिया आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लमीन यानी AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सपा की राज्यसभा उम्मीदवारी को लेकर भी अखिलेश यादव पर तंज कसा। उन्होंने कहा, झारखंड में जिस बीजेपी समर्थित उम्मीदवार ने इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार को चुनाव हराया, अब उसी के बेटे को टिकट दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ऐसे फैसले लिए जाते हैं तो AIMIM पर ही बीजेपी की ‘बी टीम’ होने का आरोप क्यों लगाया जाता है। ओवैसी ने कहा, ऐसे व्यक्ति को सपा ने अपना उम्मीदवार बनाया, जो गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष है। गुजरात में क्रिकेट बोर्ड एक पालिटिकल बोर्ड के तौर पर देखा जाता है। इस बात को समझिए…। इंडिया गठबंधन में क्रास वोटिंग होती है। इंडिया गठबंधन का कैंडिडेट झारखंड में हार जाता है, और अब उन्हीं के बेटे को टिकट देते हैं। ये परिवारवाद जो चल रहा है, उसे भी समझिए…। ओवैसी बोले- सहारनपुर से किसी और को लड़ाकर देखिए इमरान मसूद को यूपी कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर ओवैसी ने कहा कि उसको पार्टी से क्यों जोड़ते हैं। सहारनपुर से किसी और को लड़ा कर जिताइए, मालूम पड़ जाएगा। ओवैसी ने 2 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम दिया था ******************* यह खबर भी पढ़िए:- अपर्णा की लखनऊ की 3 सीटों से दावेदारी मजबूत:मुलायम की छोटी बहू ने क्यों कहा- मैनपुरी से नहीं लड़ूंगी, टिकट भाजपा तय करे मुलायम सिंह की बहू अपर्णा यादव अगला यूपी विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं। मैनपुरी के सैफई में उन्होंने कहा- तैयारी पूरी है, लेकिन मैनपुरी से चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं है। मैं किस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ूंगी, इसका फैसला भाजपा करेगी। भाजपा सूत्रों के अनुसार, वह लखनऊ की 3 सीटों पर दावेदारी कर सकती हैं। लेकिन, भाजपा संगठन उन्हें किसी यादव बहुल सीट से उतारकर बड़ा राजनीतिक दांव चल सकती है। जिससे सपा के वोटबैंक में सेंध लगाई जा सके। ये इटावा, कन्नौज, या मैनपुरी के आसपास की विधानसभा सीट हो सकती है। अपर्णा के चुनावी मैदान में उतरने से भाजपा को कितना फायदा होगा? वो किन सीटों से दावा कर सकती हैं? 2017 में मिली हार के बाद उनकी जीत के कितने चांस हैं? आज की संडे बिग स्टोरी में पढ़िए…
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