सांसद बृजलाल बोले- धर्म बदल सकते हैं लेकिन पूर्वज नहीं:लखनऊ में अंतर्राष्ट्रीय धर्म संसद में पहुंचे, कृष्ण जन्मभूमि समेत 12 प्रस्ताव पास

Oct 04, 2026 - 16:25
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सांसद बृजलाल बोले- धर्म बदल सकते हैं लेकिन पूर्वज नहीं:लखनऊ में अंतर्राष्ट्रीय धर्म संसद में पहुंचे, कृष्ण जन्मभूमि समेत 12 प्रस्ताव पास
लखनऊ में राज्यसभा सांसद बृजलाल ने कहा कि धर्म बदल सकता है, लेकिन पूर्वज नहीं बदल सकते हैं। समाज को अपनी संस्कृति के बारे में बताया जाना चाहिए। भारत की सनातन संस्कृति केवल भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूर्वी एशिया के कई देशों तक इसका प्रभाव रहा है। समय समय पर ऐसे आयोजन की जरूरत हैं। उन्होंने 1669 में काशी विश्वनाथ और मथुरा के केशवदेव मंदिर तोड़े जाने का भी जिक्र किया। कहा कि मंदिरों पर कई बार हमले हुए, लेकिन सनातन परंपरा खत्म नहीं हुई। सांसद बृजलाल ने ये बातें विश्व हिन्दू रक्षा परिषद की ओर से आयोजित हिन्दू धर्म संसद में कहीं। संगठन का दावा है कि धर्म संसद में 21 देशों के सनातनी प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमें सनातन संस्कृति के बचाव के लिए 12 प्रस्ताव पारित किए गए। कार्यक्रम में कृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा उठाया गया। संगठन के अध्यक्ष गोपाल राय ने कृष्ण लला हम आएंगे, मंदिर भव्य बनाएंगे का नारा दिया। उन्होंने कहा कि जब तक मथुरा में भगवान कृष्ण का मंदिर नहीं बनता है, तब तक बाबर द्वारा बनाए गए मस्जिद में नमाज ना पढ़ी जाए। देखिए 2 तस्वीरें… गोपाल राय सर्वसम्मति से धर्म संसद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष बने अंतर्राष्ट्रीय धर्म संसद का इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजन किया गया। पहली बार 21 देशों के सनातनी प्रतिनिधि और प्रमुख साधु-संत एक मंच पर साथ आए। कार्यक्रम के शुरुआत में वंदे मातरम् और हर हर महादेव का जयघोष हुआ। धर्म संसद में गोपाल राय को फिर से अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। धर्म संसद में अनेक अखाड़े और मठों के संत शामिल हुए। गोपाल राय ने कहा कि कृष्ण जन्मभूमि के लिए हमें फिर से संगठित होना होगा। उन्होंने कहा कि मथुरा में भगवान कृष्ण का मंदिर नहीं बनता है, तब तक बाबर द्वारा बनाए गए मस्जिद में नमाज ना पढ़ी जाए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, सेवा, संस्कार और सनातन मूल्यों का संदेश दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचाने के लिए काम किया जाएगा। बृजलाल बोले- पहले की सरकारों के कारण मंदिर नहीं बना सांसद बृजलाल ने धर्म संसद में कहा कि पहले की सरकारों के कारण राम मंदिर निर्माण नहीं हो पाया। आज ऐसे आयोजनों की जरूरत है, जहां समाज को अपनी संस्कृति और इतिहास की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति का प्रभाव भारत के अलावा पूर्वी एशिया के कई देशों में भी रहा है। बृजलाल ने इंडोनेशिया का उदाहरण देते हुए कहा कि यह दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम देश है, लेकिन वहां करेंसी पर भगवान गणेश की तस्वीर है। जकार्ता में अर्जुन का रथ और भगवान कृष्ण की प्रतिमा है और रामलीला भी होती है। उन्होंने 1669 में काशी विश्वनाथ और मथुरा के केशवदेव मंदिर तोड़े जाने का भी जिक्र किया। कहा कि मंदिरों पर कई बार हमले हुए, लेकिन सनातन परंपरा खत्म नहीं हुई। कई मुस्लिम परिवारों के पूर्वज हिंदू रहे हैं बृजलाल ने कहा कि कई मुस्लिम परिवारों के पूर्वज हिंदू रहे हैं। इसका उद्देश्य किसी को धर्म परिवर्तन के लिए कहना नहीं, बल्कि लोगों को अपने मूल वंश और इतिहास से परिचित कराना है। उन्होंने सामाजिक समरसता बढ़ाने और तुष्टिकरण की राजनीति को खत्म करने की जरूरत बताई। श्रीकृष्ण मंदिर निर्माण के लिए एक महीने चलेगा अभियान 21 देशों के राष्ट्रीय अध्यक्षों और प्रतिनिधियों की मौजूदगी में गोपाल राय को दोबारा विश्व हिन्दू रक्षा परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। मथुरा में भव्य श्रीकृष्ण मंदिर निर्माण का संकल्प लिया गया। संगठन 5 नवंबर से 5 दिसंबर तक देशभर में अभियान चलाएगा और लोगों से मथुरा पहुंचने का आह्वान करेगा। 6 दिसंबर को बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के मथुरा पहुंचने और शौर्य दिवस मनाने की घोषणा की गई। अलग-अलग देशों में सनातन परंपरा, भारतीय संस्कृति, शिक्षा, सेवा और सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्र में काम कर रहे प्रतिनिधियों को जोड़ने के लिए ‘विश्व सनातन संसद’ के गठन का निर्णय लिया गया। मथुरा-वृंदावन समेत पूरे ब्रज क्षेत्र की प्राचीन धरोहरों, तीर्थस्थलों, कुंडों, सरोवरों, नदियों, पारंपरिक संस्कृति और पर्यावरण के संरक्षण के लिए ‘कृष्णभूमि-ब्रज संरक्षण अभियान’ चलाने का फैसला हुआ। नारायणी सेवा वाहिनी का गठन मथुरा में मंदिर निर्माण की मांग को लेकर ‘ब्रज स्वाभिमान अभियान’ चलाने का निर्णय लिया गया। संगठन ने वहां मौजूद मस्जिद में नमाज नहीं पढ़े जाने की मांग को लेकर भी अभियान चलाने की बात कही। मथुरा में श्रीकृष्ण मंदिर निर्माण के मुद्दे पर राजनीतिक दलों से उनका रुख पूछने के लिए ‘नारायणी सेवा वाहिनी’ गठित करने का प्रस्ताव पारित हुआ। इसके तहत राजनीतिक दलों के कार्यालयों के बाहर लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन और जनता के बीच संवाद करने की बात कही गई। धर्म संसद में 12 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित विश्व हिन्दू रक्षा परिषद की दूसरी धर्म संसद में सनातन संस्कृति, धार्मिक विरासत, सामाजिक सेवा, महिला सुरक्षा और युवा जागरूकता से जुड़े 12 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। धर्म संसद में 21 देशों के राष्ट्रीय अध्यक्षों और प्रतिनिधियों की मौजूदगी में संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष को दोबारा जिम्मेदारी सौंपे जाने की घोषणा की गई। धर्म संसद में 12 प्रस्ताव पारित, मथुरा में मंदिर निर्माण से लेकर UCC तक पर अभियान का फैसला लिया गया। धर्मांतरण की रोकथाम के लिए देश के अलग-अलग राज्यों में ‘एंटी-धर्मांतरण सहायता कॉल सेंटर’ स्थापित करने का निर्णय लिया गया। उत्तर प्रदेश के हर जिले में ‘एंटी-रोमियो एस्कॉर्ट’ गठित करने का प्रस्ताव रखा गया। संगठन ने इसे ‘लव जिहाद’ जैसी घटनाओं की रोकथाम से जोड़कर अभियान चलाने की बात कही। एक करोड़ Gen Z जागरूकता दूत बनाए जाएंगे धार्मिक स्थलों के आसपास मांस और मदिरा की दुकानों पर प्रतिबंध लगाने या उन्हें स्थानांतरित करने की मांग को लेकर अभियान चलाने का प्रस्ताव पारित किया गया। ‘एक करोड़ Gen Z जागरूकता दूत’ अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक कर उन्हें जागरूकता दूत बनाया जाएगा। ‘दुर्गा शक्ति स्वरूपा अभियान’ शुरू करने का फैसला हुआ। इसके तहत शोषण का सामना कर चुकी बालिकाओं और उनके परिवारों को काउंसलिंग व कानूनी मार्गदर्शन देने के साथ माता-पिता को बालिका सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। स्कूलों में निशुल्क मार्शल आर्ट और आत्मरक्षा प्रशिक्षण के लिए संस्थानों से समन्वय किया जाएगा। समान नागरिक संहिता (UCC) के समर्थन में ‘घर-घर दस्तक’ और हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इसके जरिए लोगों को UCC के प्रावधानों और इससे संबंधित सार्वजनिक जानकारी के बारे में जागरूक किया जाएगा। 1008 आनंद पुरी कहा- कृष्ण जन्मभूमि के लिए संत समाज तैयार जूना अखाड़े के दिगंबर संत 1008 आनंद पुरी ने कहा कि विश्व हिंदू रक्षा परिषद को क्या मानते हैं? यहां देख रहे हैं कि 21 देशों के लोग यहां विराजमान हैं। शायद ही इसमें से कुछ ऐसे भी लोग होंगे, जो 21 देशों की यात्रा कभी नहीं कर सकते। आज 21 देशों से प्रतिनिधि यहां आए हैं, तो यह गोपाल जी की देन है। विश्व हिंदू रक्षा परिषद इसका नाम है। हम साधु-संन्यासी हैं और जानते हैं कि नाम के साथ गुण-तत्व भी होता है। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने आज समूचे विश्व में अपना झंडा गाड़ दिया है। उन्होंने कहा कि मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए सनातन समाज और साधु-संत पूरी तरह तैयार हैं।

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