पागल घोड़े के हमले में घायल मजदूर की मौत:18 दिन इलाज के बाद पैसे खत्म हुए तो घर लाए, एक घंटे में तोड़ा दम
कानपुर में 18 दिन पहले पागल घोड़े के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई। आरोप है कि इलाज का खर्च उठाते-उठाते परिवार के पास रुपये खत्म हो गए। रिश्तेदारों से उधार लेकर हैलट अस्पताल में भर्ती रहमत अली (55) को शुक्रवार रात मजबूरी में डिस्चार्ज कराकर घर लाया गया। परिवार के मुताबिक, घर पहुंचने के करीब एक घंटे बाद ही उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने शनिवार सुबह 11:30 बजे आपबीती बताई। चकेरी के सनिगवां डबल स्टोरी निवासी रहमत अली मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार में पत्नी इसलामुन और चार बेटे रिजवान, रियाज, इमरान और इफान हैं। परिजनों के मुताबिक, 14 सितंबर को पागल घोड़े के हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें पहले निजी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया। रहमत अली के साले मोहम्मद असलम ने बताया कि जीजा को घोड़े द्वारा काटे जाने की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे थे। उपचार के लिए पहले निजी अस्पताल और बाद में हैलट में भर्ती कराया गया। परिवार ने रिश्तेदारों से करीब 70 हजार रुपये उधार लेकर 18 दिन तक इलाज कराया। उन्होंने बताया कि, पेट में घोड़े ने ज्यादा घाव कर दिया था। जिसे संक्रमण ज्यादा फ़ैल गया गया। इसके बाद रिश्तेदार और परिचितों ने उधर देने से मना कर दिया। रुपये खत्म होने के बाद परिजन इलाज जारी रखने की गुहार लेकर अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन मदद नहीं मिल सकी। असलम के मुताबिक, शुक्रवार देर रात परिवार रहमत अली को अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर घर ले आया। घर पहुंचने के करीब एक घंटे बाद ही उनकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई। वहीं परिवारजन ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 14 सितंबर की रात घोड़े ने मचाया था आतंक दरअसल, 14 सितंबर की रात सनिगवां की डबल कॉलोनी इलाके में एक पागल घोड़े ने राहगीरों और स्थानीय लोगों पर हमला कर दिया था। घोड़े ने सात लोगों को काटकर घायल कर दिया था। इनमें रहमत अली, अफसाना और बाबूलाल कन्नौजिया की हालत गंभीर बताई गई थी। रहमत अली और अफसाना को हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रहमत अली की मौत हो गई, जबकि अफसाना का इलाज जारी है। नगर निगम पर लापरवाही का आरोप - रहमत की मौत के बाद क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के बाद समय रहते कार्रवाई की जाती और घायल को बेहतर इलाज मिलता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। लोगों ने आवारा और हिंसक पशुओं को लेकर नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। चिकित्सकों ने बताया- उनके सामने ऐसा मामला पहली बार सामने आया है। ऐसे में कुछ कहना उचित नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हो सकेगा। चकेरी एसीपी आशुतोष सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी हुई है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। परिजनों की सहमति के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी।
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