फांसी की सजा सुनकर जेल में रविता की तबीयत बिगड़ी:तेज बुखार आने पर चिकित्सीय निगरानी में रखा, रात में दोनों ने नहीं खाया खाना

Oct 16, 2026 - 21:22
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फांसी की सजा सुनकर जेल में रविता की तबीयत बिगड़ी:तेज बुखार आने पर चिकित्सीय निगरानी में रखा, रात में दोनों ने नहीं खाया खाना
मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में पति अमित कश्यप की हत्या के मामले में फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद रविता की शुक्रवार शाम तबीयत बिगड़ गई। उसे तेज बुखार आया और वह बेहोश हो गई। इसके बाद उसे चिकित्सीय निगरानी में रखा गया। बताया जा रहा है कि भूखे रहने और लगातार रोने के कारण भी उसकी तबीयत प्रभावित हुई। रात में ही रविता को क्रीम रंग की एक साड़ी व एक सूट दे दिया गया। जबकि अमर दीप को दो जोड़ी सफेद कुर्ते पायजामे दिए गए हैं। अकबरपुर सादात गांव में 12 अप्रैल 2025 को अमित कश्यप की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रविता पर अपने प्रेमी अमर दीप के साथ मिलकर पति की हत्या करने का आरोप था। वारदात को हादसा दिखाने के लिए शव के पास सांप छोड़ दिया गया था। पहले घटना को सांप के काटने से हुई मौत माना गया लेकिन जांच में हत्या का राजफाश हो गया। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद शुक्रवार को रविता और अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई। सजा सुनते ही रविता की हालत बिगड़ी सजा सुनाए जाने के बाद रविता और अमर दीप को उनकी बैरकों में भेज दिया गया। दोनों का रो रोकर बुरा हाल था। इसी दौरान रविता की तबीयत बिगड़ गई। तेज बुखार आने के बाद वह बेहोश हो गई। इसके बाद जेल प्रशासन ने उसे चिकित्सीय निगरानी में रखा। उसकी सेहत पर नजर रखी जा रही है। सजायाफ्ता कैदियों की बैरक में शिफ्ट जेल प्रशासन ने शुक्रवार देर रात रविता और अमर दीप को सजायाफ्ता कैदियों की बैरक में शिफ्ट कर दिया। रविता को बैरक नंबर 12A अलॉट की गई है जबकि अमर दीप अब बैरक नंबर 1A में रहेगा। दोनों की बैरकों के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बढ़ाई गई है ताकि अच्छी तरह निगरानी हो सके। रविता नहीं, कैदी नंबर 399 कहिए सजा सुनाए जाने के बाद रविता और अमर दीप से जुड़ी जेल के भीतर की पूरी व्यवस्था बदल गई है। दोनों को अब उनके नाम से नहीं बल्कि कैदी नंबर से पहचाना जाएगा। रविता को कैदी नंबर 399/26 तो अमर दीप को कैदी नंबर 400/26 आवंटित किया गया है। भूखे रहना भी तबीयत बिगड़ने की वजह जेल सूत्र बताते हैं कि फांसी की सजा मिलने के बाद रविता बदहवास है। उसने सुबह नाश्ता नहीं किया था। दोपहर में लंच का समय आया तो वह भी ऐसे ही रखा रह गया। अब शाम को खाना दिया गया लेकिन फांसी की सजा सुनकर तबीयत बिगड़ गई। फिलहाल रविता की तबीयत को देखते हुए उसे चिकित्सीय निगरानी में रखा गया है। शनिवार से दोनों की काउंसलिंग होगी शुरु वरिष्ठ जेल अधीक्षक डा. वीरेश राज शर्मा का कहना है कि अत्याधिक रोने की वजह से रविता को बुखार हो गया है। चिकित्सक से दवा दिला दी गई है। सुबह से दोनों ने खाना नहीं खाया था। शाम का खाना भी सजा के बाद रखा रह गया। शनिवार सुबह से काउंसलिंग शुरु होगी।

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