फर्जी न्यायालय आदेश से थाने से वाहन छुड़ाया:प्रतापगढ़ में दो गिरफ्तार, कूटरचित दस्तावेज और फर्जी हस्ताक्षर से धोखाधड़ी का आरोप
प्रतापगढ़ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय का फर्जी आदेश तैयार कर थाना संग्रामगढ़ से वाहन अवमुक्त कराने के मामले में कोतवाली नगर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपियों पर कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस ने आज शुक्रवार दोपहर 2:30 बजे खुलासा किया सीजेएम कार्यालय के अहलमद विनोद कुमार सरोज की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की। तहरीर के मुताबिक, बीते 14 अगस्त 2026 को वाहन संख्या यूपी 72 एटी 0603 को थाना संग्रामगढ़ से अवमुक्त कराने के संबंध में एक आदेश प्रस्तुत किया गया था। इस आदेश पर अहलमद विनोद कुमार सरोज के फर्जी हस्ताक्षर बनाए गए थे। इसी कूटरचित आदेश के आधार पर वाहन को थाने से छुड़ा लिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ, जब वाहन अवमुक्त होने की जानकारी मिलने पर एआरटीओ कार्यालय ने सीजेएम कार्यालय से आदेश के संबंध में जानकारी मांगी। जांच में पता चला कि संबंधित वाहन को अवमुक्त करने का कोई आदेश न तो न्यायालय से जारी हुआ था और न ही सीजेएम कार्यालय से। इतना ही नहीं, वाहन का चालान भी एआरटीओ कार्यालय से न्यायालय नहीं भेजा गया था और मामले में मुकदमा संख्या तक जनरेट नहीं हुई थी। इसके बाद अहलमद की तहरीर पर कोतवाली नगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मोहम्मद सद्दाम निवासी फुलवारी टेउंगा और राजेश पाल निवासी सिंघनी, थाना सांगीपुर को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद जेल भेज दिया गया।
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