पीएम आवास के लिए भटक रहे 17 ग्रामीण:पात्र होने के बावजूद सूची से नाम काटने का आरोप, डीएम से शिकायत
महोबा में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित पुरवा पनवाड़ी गांव के 17 ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। पीड़ितों में दिव्यांग, बुजुर्ग और विधवा महिलाएं भी शामिल हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि 5 महीने पहले ऑनलाइन आवेदन और कई बार सर्वे होने के बावजूद ब्लॉक अधिकारियों की लापरवाही से उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। बारिश में टपकती छतों के नीचे गुजर-बसर कर रहे ग्रामीणों ने पक्के मकान की गुहार लगाई है। हर गरीब को पक्की छत देने का सरकारी दावा महोबा में कागजों तक सीमित नजर आ रहा है। मामला कुलपहाड़ तहसील के पुरवा पनवाड़ी गांव का है, जहां के करीब 17 जरूरतमंद ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। थक-हारकर ये सभी ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी पीड़ा बयां करते हुए नवागंतुक जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। कलेक्ट्रेट पहुंचे इन पीड़ितों में कोई दिव्यांग है, कोई बुजुर्ग तो कोई असहाय विधवा महिला है। ग्रामीण देवी सिंह के नेतृत्व में पहुंचीं निर्मला, किरन, कुसुम, रामकुंवर, सुकन देवी और गीता देवी समेत सभी ग्रामीणों का कहना है कि वे बेहद गरीबी में जीवन बिता रहे हैं। उनके पास सिर्फ कच्चे और जर्जर मकान हैं, जो बारिश के मौसम में टपकते हैं और हर पल हादसे का डर बना रहता है। ग्रामीणों के मुताबिक, उन्होंने करीब पांच महीने पहले योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन किया था। गांव में दो से तीन बार सर्वे की टीम भी आई, लेकिन ब्लॉक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के चलते पात्र होते हुए भी सूची से उनके नाम काट दिए गए। इससे पहले पीड़ित एसडीएम कार्यालय के चक्कर भी काट चुके हैं, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार, परेशान होकर सभी ने डीएम की चौखट खटखटाई है। पीड़िता रामकुमारी का कहना है कि गरीब होने के बावजूद उन्हें सरकारी मदद नहीं मिल रही। ग्रामीणों ने डीएम से निष्पक्ष जांच कराकर जल्द से जल्द पक्का आवास दिलाए जाने की मांग की है।
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