पीलीभीत रामलीला का मंचन:परमठ मंदिर में सीता जन्म और ताड़का वध की लीला
पीलीभीत के परमठ मंदिर परिसर में मंगलवार को सीता जन्म, विश्वामित्र आगमन, ताड़का वध और सुबाहु वध की लीला का मनोहारी मंचन किया गया। जनकपुरी में अकाल पड़ने से राजा जनक चिंतित हो गए। उन्होंने कुलगुरु शतानंद मुनि से समाधान पूछा। मुनि के सुझाव पर राजा जनक ने पत्नी सहित भूमि पर हल चलाया। इसी दौरान हल की सीत एक कलश से टकराई, जिसमें से कन्या प्रकट हुई। राजा जनक ने कन्या का नाम सीता रखा। सीता के जन्म से प्रसन्न होकर देवराज इंद्र ने वर्षा की और जनकपुरी में खुशहाली लौट आई। इसके बाद अयोध्या में मुनि विश्वामित्र ने महाराज दशरथ से यज्ञ की रक्षा के लिए राम और लक्ष्मण को साथ भेजने का आग्रह किया। राम ने ताड़का और सुबाहु का वध कर यज्ञ की रक्षा की। लीला का संचालन संजय पांडेय और रामायणी निशांत तिवारी ने किया। इस दौरान महंत ओमकार नाथ समेत अनेक भक्त मौजूद रहे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)