पितृपक्ष के सातवें दिन गंगातट पर उमड़े श्रद्धालु:स्नान के बाद पितरों को किया तर्पण, पिंडदान-श्राद्ध कर मांगी आत्मा की शांति
उन्नाव में पितृपक्ष के सातवें दिन शनिवार को गंगातट पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पितरों का तर्पण और पूजन किया। सुबह से ही गंगा के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचने लगी। लोगों ने गंगा स्नान के बाद पुरोहितों के मार्गदर्शन में जल, तिल और पूजन सामग्री से पितरों का तर्पण कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध करने की परंपरा है। इसी क्रम में सातवें दिन भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगातट पहुंचे। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण किए और पुरोहितों के मार्गदर्शन में पूजा-अर्चना की। गंगातट पर पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच तर्पण की विधि संपन्न कराई। परिवार के सदस्यों ने एक साथ बैठकर पूर्वजों का स्मरण किया और उनकी आत्मा की शांति के साथ परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। कई श्रद्धालुओं ने पिंडदान और श्राद्ध कर्म भी कराया। मंत्रोच्चार से भक्तिमय रहा गंगातट सुबह के समय गंगा घाटों पर धार्मिक माहौल देखने को मिला। जगह-जगह पुरोहितों के साथ श्रद्धालु तर्पण करते नजर आए। मंत्रोच्चार और पूजा-पाठ के बीच घाटों पर भक्तिमय वातावरण बना रहा। तर्पण और श्राद्ध कर्म के बाद श्रद्धालुओं ने जरूरतमंदों को भोजन कराया और दान-पुण्य भी किया। पूर्वजों के स्मरण के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु स्थानीय पुरोहितों के अनुसार, पितृपक्ष में श्रद्धा के साथ पूर्वजों का स्मरण कर उनके निमित्त तर्पण और श्राद्ध किया जाता है। इसी भावना के साथ लोग दूर-दूर से गंगातट पर पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठान कर रहे हैं। घाटों पर भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं ने स्नान और पूजा के दौरान सावधानी बरती। पितृपक्ष के आगामी दिनों में भी गंगातट पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।
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