सोना न खरीदने की अपील पर राहुल गांधी का हमला, बोले- जनता पर बोझ डाल रही सरकार
संक्षिप्त विवरण : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोना न खरीदने, पेट्रोल बचाने और विदेश यात्राएं कम करने की अपील पर राहुल गांधी ने तीखा हमला बोला। कांग्रेस ने इसे सरकार की आर्थिक विफलता बताते हुए कहा कि जनता पर बोझ डालकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की जा रही है।
दि राइजिंग न्यूज | 11 मई 2026 ।
प्रधानमंत्री की अपील के बाद देशभर में तेज हुई राजनीतिक बहस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से एक वर्ष तक सोना न खरीदने, विदेश यात्राएं कम करने और पेट्रोल की खपत घटाने की अपील के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक हालात और युद्ध जैसे संकटों के कारण आने वाले समय में आर्थिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं। उन्होंने लोगों से सादगी अपनाने और खर्च कम करने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि लोग निजी वाहनों का कम उपयोग करें और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दें ताकि ईंधन की बचत हो सके।
राहुल गांधी ने सरकार को घेरा, बोले- यह सलाह नहीं बल्कि नाकामी का प्रमाण
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह कोई सामान्य सलाह नहीं बल्कि सरकार की आर्थिक विफलता का प्रमाण है। राहुल गांधी ने सामाजिक माध्यम पर लिखा कि पिछले बारह वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था को इतनी कमजोर स्थिति में पहुंचा दिया गया है कि अब जनता को बताया जा रहा है कि क्या खरीदना चाहिए और क्या नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर बार अपनी जिम्मेदारी जनता पर डाल देती है ताकि खुद जवाबदेही से बच सके।
महंगाई और आर्थिक संकट को लेकर कांग्रेस का बड़ा आरोप
कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री की अपील को देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति से जोड़ते हुए सरकार पर बड़ा हमला बोला है। पार्टी नेताओं का कहना है कि देश में खाने का तेल, पेट्रोल, डीजल, गैस और खाद्य पदार्थों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। आम आदमी पहले से ही घरेलू खर्च संभालने में परेशान है। ऐसे में सरकार द्वारा खर्च कम करने की सलाह देना जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। विपक्ष का कहना है कि यदि सरकार सही आर्थिक नीतियां बनाती तो आज देश को इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
सोना न खरीदने की अपील से सर्राफा बाजार में बढ़ी चिंता
सर्राफा कारोबारियों ने चिंता जताई है कि यदि सोने की मांग घटती है तो छोटे व्यापारियों और मजदूरों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सोना भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेश का एक सुरक्षित माध्यम माना जाता है। ऐसे में सरकार की अपील से लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। व्यापारियों ने मांग की है कि सरकार बाजार को स्थिर रखने के लिए स्पष्ट आर्थिक योजना सामने रखे।
पेट्रोल बचाने और सार्वजनिक परिवहन अपनाने की सलाह पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में लोगों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील भी की थी। उन्होंने कहा कि लोग निजी वाहनों का कम उपयोग करें और मेट्रो तथा सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करें। इसके साथ ही कंपनियों को घर से काम बढ़ाने की सलाह दी गई ताकि ईंधन की खपत कम हो सके और ट्रैफिक का दबाव घटे। लाखों लोग रोजमर्रा के कामों के लिए निजी वाहनों पर निर्भर हैं। ऐसे में केवल सलाह देने से समस्या का समाधान नहीं होगा जब तक सरकार मजबूत परिवहन व्यवस्था तैयार नहीं करती।
वैश्विक संकट और ईरान युद्ध का हवाला देकर प्रधानमंत्री ने जताई चिंता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में वैश्विक तनाव और ईरान युद्ध जैसे अंतरराष्ट्रीय संकटों का जिक्र करते हुए कहा कि इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया में बढ़ती अस्थिरता के कारण ईंधन और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में तेजी आ सकती है। इसलिए देशवासियों को अभी से सावधानी बरतने और बचत करने की जरूरत है। विपक्ष का कहना है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का हवाला देकर अपनी नीतिगत असफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर सड़कों तक बड़ा राजनीतिक विवाद बन सकता है।