JEE Mains AIR-1 मोबाइल से दूरी, 9 घंटे सेल्फ स्टडी और मजबूत आत्म अनुशासन
दि राइजिंग न्यूज. नई दिल्ली। ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) Mains 2025 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर ओमप्रकाश बेहरा ने न सिर्फ ओडिशा बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। कठिन परिश्रम, पारिवारिक समर्थन और तकनीक से दूरी बनाए रखकर पढ़ाई पर फोकस—यही रहा उनका सफलता का मूलमंत्र।
दि राइजिंग न्यूज. नई दिल्ली। ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) Mains 2025 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर ओमप्रकाश बेहरा ने न सिर्फ ओडिशा बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। कठिन परिश्रम, पारिवारिक समर्थन और तकनीक से दूरी बनाए रखकर पढ़ाई पर फोकस—यही रहा उनका सफलता का मूलमंत्र।
साधारण पृष्ठभूमि, असाधारण सफलता
भुवनेश्वर, ओडिशा के रहने वाले ओमप्रकाश बेहरा का जन्म 12 जनवरी 2008 को हुआ। उनके पिता कमलकांत बेहरा ओडिशा प्रशासनिक सेवा में अधिकारी हैं, जबकि मां स्मिता रानी बेहरा एक कॉलेज लेक्चरर हैं। ओमप्रकाश की सफलता के पीछे उनके माता-पिता का समर्पण अहम रहा। उनकी मां ने अपने बेटे की पढ़ाई में सहयोग के लिए तीन साल का करियर ब्रेक लिया और कोटा जाकर उसकी पढ़ाई की निगरानी की।
कोटा में तैयारी, एलन की गाइडेंस
10वीं कक्षा में 92% अंक प्राप्त करने के बाद ओमप्रकाश ने कोटा के एलन करियर इंस्टीट्यूट में दाखिला लिया। बीते तीन वर्षों से वे एलन के रेगुलर क्लासरूम प्रोग्राम का हिस्सा रहे। जनवरी सेशन में उन्होंने 100% स्कोर (300/300) हासिल किया और अप्रैल सेशन में अपनी शानदार फॉर्म बरकरार रखते हुए AIR-1 पर कब्जा जमाया।
8-9 घंटे की डेली सेल्फ स्टडी और रिवीजन प्लान
ओमप्रकाश हर दिन 8 से 9 घंटे की सेल्फ स्टडी करते थे। उनका मानना था कि सिर्फ पढ़ना ही नहीं, बल्कि टेस्ट के बाद की गई गलतियों का विश्लेषण भी सफलता की कुंजी है। उनका फोकस हमेशा वर्तमान पर रहा। वे कहते हैं, "जो हो चुका है, उसे पीछे छोड़ो। जो अभी हो रहा है, उसी पर ध्यान दो।"
डिजिटल डिटॉक्स: मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी
जहां आज के छात्र मोबाइल और सोशल मीडिया की दुनिया में खो जाते हैं, वहीं ओमप्रकाश ने स्मार्टफोन से खुद को पूरी तरह दूर रखा। उनका मानना था कि यह ध्यान भटकाने का बड़ा जरिया है। उन्होंने मनोरंजन के लिए नोवेल्स पढ़ने को चुना, जिससे उन्हें मानसिक ताजगी मिलती थी।
आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस पढ़ने का सपना
फिलहाल ओमप्रकाश की नजरें JEE Advanced 2025 पर टिकी हैं। उनका सपना है कि वे आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करें। उन्हें टेक्नोलॉजी और प्रॉब्लम सॉल्विंग में गहरी रुचि है।
हर छात्र के लिए प्रेरणा
ओमप्रकाश बेहरा की सफलता उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो जेईई जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। कोटा का प्रतिस्पर्धी माहौल, एलन की गाइडेंस, और सबसे बढ़कर उनका दृढ़ संकल्प और अनुशासन, यही उन्हें देश का टॉपर बनाने में सबसे बड़े फैक्टर बने।