GST कलेक्शन ने तोड़ा सभी रिकॉर्ड, अप्रैल 2025 में ₹2.37 लाख करोड़ की ऐतिहासिक उछाल

दि राइजिंग न्यूज। 1 मई 2025 । नई दिल्ली ।  देश की अर्थव्यवस्था के लिए अप्रैल की शुरुआत एक बड़ी खुशखबरी लेकर आई है। GST यानी वस्तु एवं सेवा कर के मोर्चे पर सरकार को अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी मिली है। अप्रैल 2025 में GST कलेक्शन ₹2.37 लाख करोड़ पहुंच गया है, जो 2017 में GST लागू होने के बाद का अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है।

GST कलेक्शन ने तोड़ा सभी रिकॉर्ड, अप्रैल 2025 में ₹2.37 लाख करोड़ की ऐतिहासिक उछाल

दि राइजिंग न्यूज। 1 मई 2025 । नई दिल्ली । 

देश की अर्थव्यवस्था के लिए अप्रैल की शुरुआत एक बड़ी खुशखबरी लेकर आई है। GST यानी वस्तु एवं सेवा कर के मोर्चे पर सरकार को अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी मिली है। अप्रैल 2025 में GST कलेक्शन ₹2.37 लाख करोड़ पहुंच गया है, जो 2017 में GST लागू होने के बाद का अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है।


अब तक की सबसे बड़ी वसूली

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल महीने में GST कलेक्शन साल-दर-साल 12.6% की बढ़त के साथ ₹2.37 लाख करोड़ पहुंच गया है। इससे पहले, अप्रैल 2024 में ये आंकड़ा ₹2.10 लाख करोड़ था। मार्च 2025 में GST कलेक्शन ₹1.96 लाख करोड़ रहा था। इस तरह एक महीने में ही ₹40,000 करोड़ से ज्यादा की छलांग दर्ज की गई है।


बढ़ोतरी की बड़ी वजहें

  • घरेलू लेन-देन से आय: ₹1.9 लाख करोड़ (10.7% की बढ़त)

  • आयातित वस्तुओं से आय: ₹46,913 करोड़ (20.8% की बढ़त)

  • घरेलू मांग में निरंतर बढ़ोतरी और कर अनुपालन में सुधार भी इस उछाल के मुख्य कारणों में शामिल हैं।


जनवरी से मार्च 2025 के आंकड़े

महीना GST कलेक्शन ग्रोथ (साल-दर-साल)
जनवरी ₹1.96 लाख करोड़ 12.3%
फरवरी ₹1.83 लाख करोड़ 9.1%
मार्च ₹1.96 लाख करोड़ 9.9%

कहां-कहां हुआ सबसे ज्यादा कलेक्शन?

  • लक्षद्वीप: 287% की रिकॉर्ड वृद्धि

  • अरुणाचल प्रदेश: 66% की ग्रोथ

  • मेघालय: 50%

  • नागालैंड: 42%

  • हरियाणा, बिहार, गुजरात: दोहरे अंकों में बढ़त

  • मिजोरम: 28% की गिरावट

  • त्रिपुरा और आंध्र प्रदेश में भी हल्की गिरावट देखी गई।


GST क्या है?

भारत में GST 1 जुलाई 2017 को लागू हुआ था। यह एक अप्रत्यक्ष कर प्रणाली है जो वस्तुओं और सेवाओं पर एक समान टैक्स लगाती है। GST के चार प्रमुख प्रकार होते हैं:

  1. CGST (केंद्र सरकार के लिए)

  2. SGST (राज्य सरकार के लिए)

  3. UTGST (केंद्र शासित प्रदेशों के लिए)

  4. IGST (राज्यों के बीच लेन-देन के लिए)

इसके अलावा कुछ विशेष उत्पादों पर सेस (उपकर) भी लगाया जाता है।


GST की दरें

भारत में वस्तुओं और सेवाओं को चार स्लैब में बांटा गया है:

  • 5%

  • 12%

  • 18%

  • 28%

GST काउंसिल समय-समय पर इन दरों में संशोधन और समीक्षा करती रहती है।


GST कलेक्शन में यह ऐतिहासिक उछाल देश की आर्थिक गतिविधियों के सुधार, डिजिटलीकरण, और कर अनुपालन में मजबूती का प्रतीक है। यह संकेत है कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और सरकार की कर नीति भी सही दिशा में काम कर रही है।