55 रुपये से शुरू करें अंशदान, 60 की उम्र के बाद 3000 रुपये पेंशन

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना असंगठित क्षेत्र के कामगारों को वृद्धावस्था में सामाजिक सुरक्षा देने वाली महत्वपूर्ण सरकारी योजना है। इसमें पात्र कामगार 18 से 40 वर्ष की उम्र के बीच शामिल हो सकते हैं और उम्र के अनुसार निर्धारित राशि का नियमित अंशदान करते हैं। 18 वर्ष की उम्र में शामिल होने वाले पात्र व्यक्ति का मासिक अंशदान 55 रुपये है, जबकि सरकार भी बराबर राशि का योगदान करती है। 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद पात्र लाभार्थी को हर महीने 3,000 रुपये की सुनिश्चित पेंशन मिलती है।

Sep 05, 2026 - 11:32
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55 रुपये से शुरू करें अंशदान, 60 की उम्र के बाद 3000 रुपये पेंशन

दि राइजिंग न्यूज | नई दिल्ली | 5 सितंबर 2026

देश में बड़ी संख्या में लोग असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं और उनके पास सेवानिवृत्ति के बाद नियमित आय का कोई निश्चित साधन नहीं होता। ऐसे कामगारों को सामाजिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना शुरू की गई थी। यह योजना विशेष रूप से कम आय वाले असंगठित क्षेत्र के कामगारों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। पात्र व्यक्ति इसमें नियमित अंशदान करके 60 वर्ष की उम्र के बाद मासिक पेंशन का लाभ ले सकता है।प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में की गई थी। इसमें शामिल होने वाले व्यक्ति की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। योजना के तहत पात्र लाभार्थी को उम्र के अनुसार निर्धारित राशि हर महीने जमा करनी होती है। 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद उसे हर महीने 3,000 रुपये की सुनिश्चित पेंशन मिलने का प्रावधान है।

रोजाना 2 रुपये से भी कम में पेंशन की तैयारी

इस योजना को लेकर अक्सर 55 रुपये मासिक अंशदान का उदाहरण दिया जाता है। 18 वर्ष की उम्र में योजना से जुड़ने वाले पात्र व्यक्ति के लिए मासिक अंशदान 55 रुपये है। यानी रोजाना के हिसाब से यह राशि लगभग 1 रुपये 83 पैसे बैठती है। हालांकि, योजना में शामिल होने की उम्र बढ़ने के साथ लाभार्थी का मासिक अंशदान भी बढ़ता जाता है।इसलिए यह समझना जरूरी है कि हर उम्र के व्यक्ति को केवल 55 रुपये ही जमा नहीं करने होते। 18 वर्ष की उम्र में शामिल होने पर अंशदान सबसे कम होता है और उम्र के अनुसार राशि बढ़ती है। लाभार्थी जितनी राशि जमा करता है, उतनी ही राशि केंद्र सरकार भी उसके पेंशन खाते में योगदान के रूप में देती है। इस तरह योजना में सरकार की ओर से भी बराबर योगदान जुड़ता रहता है।

सरकार भी करती है बराबर योगदान

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना की सबसे बड़ी विशेषताओं में सरकार की ओर से किया जाने वाला बराबर योगदान शामिल है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी पात्र व्यक्ति का मासिक अंशदान 55 रुपये है, तो केंद्र सरकार भी उसके खाते में 55 रुपये का योगदान करती है। इस तरह उस महीने पेंशन खाते में कुल 110 रुपये का योगदान हो जाता है। यह व्यवस्था लाभार्थी के लिए सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाई गई है।उम्र के अनुसार लाभार्थी का अंशदान बढ़ने पर सरकार का योगदान भी उसी अनुपात में बढ़ता है। योजना में नियमित अंशदान करना जरूरी है, क्योंकि पेंशन का लाभ निर्धारित शर्तों को पूरा करने पर ही मिलता है। इस योजना के जरिए सरकार असंगठित क्षेत्र के कामगारों को वृद्धावस्था में आर्थिक सहारा देने का प्रयास कर रही है। खासकर कम आय वाले कामगारों के लिए यह योजना लंबे समय की सामाजिक सुरक्षा का माध्यम बन सकती है।

किन लोगों के लिए है प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए है। इसमें रेहड़ी-पटरी लगाने वाले, रिक्शा चालक, निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर और घरेलू कामगार शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा कृषि मजदूर तथा इसी तरह के अन्य असंगठित कामगार भी पात्रता पूरी करने पर इस योजना से जुड़ सकते हैं। योजना का उद्देश्य ऐसे कामगारों को वृद्धावस्था में नियमित पेंशन उपलब्ध कराना है।योजना में शामिल होने के लिए आवेदक की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। उसकी मासिक आय 15,000 रुपये या उससे कम होनी चाहिए। इसके अलावा आवेदक आयकरदाता नहीं होना चाहिए। साथ ही वह कर्मचारी भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा निगम या राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली जैसी निर्धारित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का सदस्य नहीं होना चाहिए।

60 साल की उम्र के बाद मिलेगी 3,000 रुपये मासिक पेंशन

योजना के तहत पात्र लाभार्थी को 60 वर्ष की उम्र तक निर्धारित अंशदान करना होता है। अंशदान की अवधि पूरी होने के बाद उसे हर महीने 3,000 रुपये की सुनिश्चित पेंशन देने का प्रावधान है। इस तरह लाभार्थी को वृद्धावस्था में नियमित मासिक आय का एक आधार मिल जाता है। असंगठित क्षेत्र के उन कामगारों के लिए यह महत्वपूर्ण हो सकता है जिनके पास सेवानिवृत्ति के बाद आय का कोई निश्चित साधन नहीं है।मासिक पेंशन का लाभ योजना की निर्धारित शर्तों और नियमों के अनुसार मिलता है। योजना में शामिल होने से पहले आवेदक को अपनी पात्रता और अंशदान की राशि की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए। उम्र के अनुसार अंशदान की राशि अलग-अलग होती है। इसलिए केवल 55 रुपये वाली राशि को सभी आवेदकों के लिए लागू समझना सही नहीं होगा।

कौन लोग नहीं ले सकते इस योजना का लाभ

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का लाभ हर व्यक्ति को नहीं दिया जाता। जो व्यक्ति आयकर का भुगतान करता है, वह इस योजना के लिए पात्र नहीं है। इसी तरह कर्मचारी भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा निगम या राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली जैसी निर्धारित सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों को भी इस योजना से बाहर रखा गया है। योजना मुख्य रूप से ऐसे असंगठित कामगारों के लिए है जिन्हें इस तरह की सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध नहीं है।आवेदक की उम्र और मासिक आय भी योजना की पात्रता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। 40 वर्ष से अधिक उम्र का व्यक्ति इसमें नया पंजीकरण नहीं करा सकता। इसी तरह 15,000 रुपये से अधिक मासिक आय वाले व्यक्ति के लिए भी योजना की पात्रता लागू नहीं होती। इसलिए आवेदन करने से पहले सभी शर्तों की जांच करना जरूरी है।

कैसे कर सकते हैं आवेदन

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में पंजीकरण के लिए पात्र व्यक्ति अपने नजदीकी सामान्य सेवा केंद्र पर जा सकता है। वहां आवश्यक जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराकर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इसके अलावा निर्धारित आधिकारिक माध्यम से भी योजना के लिए पंजीकरण किया जा सकता है। आवेदन करते समय दी गई जानकारी सही होना जरूरी है।पंजीकरण के लिए आधार संख्या और बचत बैंक खाता या जनधन खाता आवश्यक होता है। इसी खाते से योजना का मासिक अंशदान स्वचालित रूप से काटा जा सकता है। आवेदन के दौरान उम्र, आय और अन्य पात्रता शर्तों की जांच की जाती है। इसलिए पंजीकरण कराने से पहले सभी जरूरी जानकारी और दस्तावेज अपने पास रखना बेहतर होता है।

जुलाई 2026 तक 54 लाख से ज्यादा लाभार्थी

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जुलाई 2026 तक प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में पंजीकृत लाभार्थियों की संख्या 54 लाख से अधिक हो चुकी थी। देश के अलग-अलग हिस्सों में पात्र असंगठित कामगार इस योजना से जुड़े हुए हैं। योजना के लिए सामान्य सेवा केंद्रों का बड़ा नेटवर्क भी काम करता है। इससे ग्रामीण और छोटे शहरों में रहने वाले कामगारों के लिए पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध होती है।योजना का उद्देश्य केवल वर्तमान में आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि कामगारों के भविष्य को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना भी है। असंगठित क्षेत्र में नियमित वेतन और सेवानिवृत्ति लाभ की व्यवस्था अक्सर नहीं होती। ऐसे में मासिक पेंशन का प्रावधान वृद्धावस्था में आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकता है। हालांकि, योजना से जुड़ने से पहले पात्रता, अंशदान और अन्य नियमों को समझना जरूरी है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए है।
  • योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में की गई थी।
  • इसमें 18 से 40 वर्ष की उम्र के पात्र कामगार शामिल हो सकते हैं।
  • मासिक आय 15,000 रुपये या उससे कम होना जरूरी है।
  • आयकरदाता व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र नहीं है।
  • कर्मचारी भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा निगम और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से जुड़े लोग पात्र नहीं हैं।
  • 18 वर्ष की उम्र में शामिल होने वाले पात्र व्यक्ति का मासिक अंशदान 55 रुपये से शुरू होता है।
  • लाभार्थी के अंशदान के बराबर योगदान केंद्र सरकार भी करती है।
  • 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद 3,000 रुपये मासिक सुनिश्चित पेंशन का प्रावधान है।
  • पंजीकरण के लिए आधार और बचत बैंक या जनधन खाते की आवश्यकता होती है।

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