नेपाल में भूस्खलन से चौलानी नदी पर खतरा

नेपाल के दार्चुला जिले में बड़े भूस्खलन के कारण चौलानी नदी का बहाव आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया है। लगातार भूस्खलन होने पर नदी पूरी तरह बाधित होने और अचानक तेज बाढ़ आने की आशंका जताई गई है। यह खतरा ऐसे समय सामने आया है जब नेपाल पहले से ही भीषण बाढ़ की तबाही से जूझ रहा है।

Sep 05, 2026 - 11:52
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नेपाल में भूस्खलन से चौलानी नदी पर खतरा

दि राइजिंग न्यूज | नेपाल | 05 सितंबर 2026

नेपाल के दार्चुला जिले में भारी भूस्खलन के बाद एक और प्राकृतिक आपदा का खतरा मंडराने लगा है। अपी हिमाल ग्रामीण नगरपालिका क्षेत्र के भट्टार में पहाड़ का बड़ा हिस्सा खिसककर चौलानी नदी में जा गिरा। मलबा नदी में जमा होने के कारण पानी का बहाव प्रभावित हुआ है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।अधिकारियों के मुताबिक, यदि भूस्खलन का सिलसिला जारी रहा और बड़ी मात्रा में मलबा नदी में गिरता रहा तो चौलानी नदी का रास्ता पूरी तरह बंद हो सकता है। ऐसी स्थिति में मलबे के पीछे पानी जमा होने लगेगा। अचानक यह अवरोध टूटने पर नीचे की ओर तेज गति से पानी आने की आशंका है। इससे नदी किनारे बसे इलाकों में अचानक बाढ़ का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

भट्टार में हुआ बड़ा भूस्खलन

दार्चुला के अपी हिमाल ग्रामीण नगरपालिका क्षेत्र के भट्टार में हुए भूस्खलन के बाद प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। पहाड़ से खिसका मलबा सीधे चौलानी नदी में पहुंचा है। इससे नदी का सामान्य बहाव प्रभावित हुआ है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है।जिला प्रशासन ने नदी के आसपास और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को नदी के किनारे अनावश्यक रूप से जाने से बचने के लिए कहा गया है। सुरक्षा बलों के जवान भी प्रभावित क्षेत्र में निगरानी कर रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने दिए सतर्क रहने के निर्देश

सुदूरपश्चिम प्रदेश के मुख्यमंत्री खगराज भट्ट ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से संभावित आपदा से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने को कहा है। प्रशासन को राहत और बचाव व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं। आपात स्थिति में लोगों तक तुरंत सहायता पहुंचाने पर भी जोर दिया गया है।सुरक्षा एजेंसियां चौलानी नदी के जलस्तर और बहाव पर लगातार नजर रख रही हैं। सशस्त्र पुलिस बल के अनुसार फिलहाल नदी का जलस्तर सामान्य बना हुआ है। इसके बावजूद भूस्खलन के कारण पैदा हुए खतरे को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को संभावित खतरे के बारे में जानकारी दी जा रही है।

नदी में पानी बढ़ा तो बढ़ सकती है मुश्किल

भारी बारिश की स्थिति में भूस्खलन और मलबा बढ़ने की आशंका बनी हुई है। यदि मलबे की मात्रा बढ़ी तो नदी का रास्ता और अधिक संकरा हो सकता है। इससे पानी के बहाव में रुकावट पैदा होकर पीछे की ओर पानी जमा होने की संभावना है। अचानक अवरोध टूटने की स्थिति में निचले इलाकों में तेज बाढ़ आ सकती है।इसी आशंका के चलते प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से नदी के जलस्तर में अचानक बदलाव दिखाई देने पर तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर जाने को कहा गया है। सुरक्षा बलों को भी किसी आपात स्थिति के लिए तैयार रखा गया है। प्रशासन स्थिति को गंभीरता से लेते हुए लगातार निगरानी कर रहा है।

महाकाली नदी में मिलती है चौलानी

चौलानी नदी को चमेलिया नदी के नाम से भी जाना जाता है। यह नदी नेपाल के अपी हिमाल क्षेत्र से निकलती है और आगे जाकर महाकाली नदी में मिलती है। महाकाली नदी नेपाल और भारत के बीच सीमा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाती है। इसलिए चौलानी नदी में अचानक बाढ़ की स्थिति बनने पर निचले इलाकों में इसका असर पड़ सकता है।नदी से जुड़े क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए मौजूदा स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नेपाल पहले से ही भारी बारिश और बाढ़ की मार झेल रहा है। प्रशासन किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए पहले से तैयारियां कर रहा है। नदी के बहाव और जलस्तर की निगरानी लगातार जारी है। लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

नेपाल में पहले से जारी है बाढ़ की तबाही

चौलानी नदी में भूस्खलन से पैदा हुआ खतरा ऐसे समय सामने आया है जब नेपाल के कई हिस्से हालिया भीषण बाढ़ और अचानक आई बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है। कई क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बाढ़ के कारण सड़क, पुल, विद्यालय और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है।सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से 32 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने और क्षतिग्रस्त ढांचे को बहाल करने का काम जारी है। आपदा के कारण कई परिवारों के सामने रहने और आजीविका का संकट पैदा हुआ है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने में जुटी हैं।

बाढ़ से मृतकों की संख्या 1,295 हुई

नेपाल में हालिया अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,295 हो गई है। प्रभावित क्षेत्रों से लगातार शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या में वृद्धि हुई है। राहत और बचाव दल अब भी प्रभावित इलाकों में अभियान चला रहे हैं। कई स्थानों पर लापता लोगों की तलाश भी जारी है।बताया गया है कि 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन के बाद अचानक आई बाढ़ ने उत्तर और मध्य नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई थी। इस आपदा में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा। कई क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन अब तक पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाया है। ऐसे में नया भूस्खलन प्रशासन की चिंता और बढ़ा रहा है।

लगातार बारिश ने बढ़ाई चिंता

नेपाल में लगातार बनी आपदा की स्थिति के बीच चौलानी नदी का आंशिक रूप से बाधित होना प्रशासन के लिए नई चुनौती बन गया है। फिलहाल नदी का जलस्तर सामान्य बताया जा रहा है, लेकिन लगातार बारिश होने पर स्थिति बदल सकती है। बारिश के साथ यदि पहाड़ से और मलबा नदी में गिरा तो पानी का रास्ता पूरी तरह बंद होने की आशंका है। ऐसी स्थिति में अचानक बाढ़ का खतरा कई गुना बढ़ सकता है।प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने इसी आशंका को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को किसी भी तरह की असामान्य स्थिति को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी गई है। लोगों से नदी का जलस्तर बढ़ने या तेज बहाव दिखाई देने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया है। हालिया बाढ़ से जूझ रहे नेपाल में चौलानी नदी का नया खतरा चिंता का विषय बन गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • दार्चुला जिले के भट्टार में बड़ा भूस्खलन हुआ है।
  • पहाड़ से गिरा मलबा चौलानी नदी में पहुंच गया है।
  • नदी का बहाव फिलहाल आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है।
  • प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों के लोगों को सतर्क किया है।
  • लगातार भूस्खलन होने पर नदी पूरी तरह बाधित हो सकती है।
  • नदी का अवरोध टूटने पर अचानक तेज बाढ़ आने की आशंका है।
  • सुरक्षा बलों को निगरानी और आपात कार्रवाई के लिए तैयार रखा गया है।
  • नेपाल पहले से ही भीषण बाढ़ की तबाही से जूझ रहा है।
  • हालिया बाढ़ से 32 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
  • बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 1,295 हो गई है।

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