प्रदीप मिश्रा ने कहा- विश्वास के साथ कर्म भी जरूरी:बरसाना में शिव महापुराण कथा के पहले दिन उमड़ी भीड़, DM-SSP भी पहुंचे

Sep 29, 2026 - 05:11
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प्रदीप मिश्रा ने कहा- विश्वास के साथ कर्म भी जरूरी:बरसाना में शिव महापुराण कथा के पहले दिन उमड़ी भीड़, DM-SSP भी पहुंचे
बरसाना में प्रेम सरोवर के पास शिव महापुराण कथा के पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मुख से कथा सुनने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से भक्त बरसाना पहुंचे। विशाल पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। कथा के दौरान ईशा-गौर की मनोहारी झांकी भी सजाई गई। कथा के पहले दिन सोमवार को पं. प्रदीप मिश्रा ने कहा- बरसाना ब्रज की पवित्र भूमि है। यहां राधारानी और भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम और करुणा की अनुभूति होती है। ऐसे स्थान पर भगवान शिव की कथा सुनना श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव है। बरसाना आने वाले भक्त केवल दर्शन नहीं करते, बल्कि यहां की प्रेम, करुणा और भक्ति की धारा से जुड़ते हैं। राधारानी और उनकी अष्टसखियों की गाथा यह संदेश देती है कि प्रेम में समर्पण, सेवा और माधुर्य का होना जरूरी है। शिव पर भरोसा, साथ में लगातार प्रयास भी कथा के दौरान पं. प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं की ओर से भेजे गए पत्रों का उल्लेख करते हुए भगवान शिव में आस्था से जुड़े प्रसंग सुनाए। एक परिवार को मंच पर बुलाया गया। परिवार के सदस्यों ने बताया कि भगवान शिव पर विश्वास रखते हुए उन्होंने लगातार प्रयास किए और उनके तीन बेटों को सरकारी नौकरी मिली। इस प्रसंग के जरिए पं. प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं से विश्वास के साथ कर्म और प्रयास करते रहने की बात कही। इस दौरान कथा स्थल पर भगवान शिव के जयकारे गूंज उठे। पितृ पक्ष में दान और सेवा का संदेश पितृ पक्ष को लेकर पं. प्रदीप मिश्रा ने कहा कि सनातन परंपरा में पूर्वजों की स्मृति और उनके प्रति श्रद्धा का विशेष महत्व है। उन्होंने श्रद्धालुओं से पितरों के स्मरण में दान-पुण्य, सेवा और अच्छे कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की मदद और समाजहित में किए गए कार्य पुण्यकारी माने गए हैं। पूर्वजों का स्मरण करते हुए सद्कार्यों को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। पंडाल भरने के बाद अतिरिक्त व्यवस्था की तैयारी पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से कथा स्थल और आसपास का क्षेत्र भक्तिमय नजर आया। विशाल पंडाल भरने के बाद आसपास भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। विठलेश सेवा समिति और प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं। आयोजन समिति के अनुसार भीड़ बढ़ने को देखते हुए आने वाले दिनों में अतिरिक्त पंडाल, बैठने की व्यवस्था और अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

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