'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' से RPF ने 706 बच्चों को बचाया:उत्तर मध्य रेलवे के तीनों मंडलों में प्रयागराज में सबसे ज्यादा 450 बच्चे मिले।
,प्रयागराज रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में परिवार से बिछड़े, अकेले घूम रहे और मदद की जरूरत वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) लगातार अभियान चला रहा है। ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत वर्ष 2026 में 15 अक्टूबर तक प्रयागराज मंडल में 450 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया। उत्तर मध्य रेलवे के तीनों मंडलों में बचाए गए कुल 706 बच्चों में सबसे अधिक बच्चे प्रयागराज मंडल के हैं। रेलवे सुरक्षा बल का यह अभियान ऐसे बच्चों की पहचान करने और उन्हें सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है, जिन्हें रेलवे स्टेशन या ट्रेन में सहायता की जरूरत होती है। अभियान के तहत RPF के जवान रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में निगरानी करते हैं। इस दौरान अकेले घूम रहे या परिवार से बिछड़े बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षा और जरूरी मदद उपलब्ध कराई जाती है। प्रयागराज मंडल में सबसे ज्यादा बच्चे सुरक्षित
उत्तर मध्य रेलवे की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2026 तक प्रयागराज मंडल में 450 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया। वहीं, झांसी मंडल में 189 और आगरा मंडल में 67 बच्चों को सहायता प्रदान की गई। इस तरह तीनों मंडलों में कुल 706 बच्चों को सुरक्षा और संरक्षण दिया गया। आंकड़ों के अनुसार, कुल बच्चों में आधे से अधिक बच्चों को प्रयागराज मंडल में सुरक्षित बचाया गया। यह अभियान रेलवे परिसर में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरत के समय उन्हें सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर
उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह और रेलवे सुरक्षा बल के महानिरीक्षक प्रदीप कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। RPF की ओर से बच्चों के प्रति संवेदनशीलता बरतने और जरूरतमंद बच्चों की समय रहते पहचान करने पर जोर दिया जा रहा है। रेलवे सुरक्षा बल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रेलवे स्टेशन और ट्रेन में अकेले या संकट में मिले बच्चों को समय पर मदद मिले और उन्हें सुरक्षित संरक्षण उपलब्ध कराया जा सके।
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