प्रतीक भूषण बोले- श्रावस्ती एयरपोर्ट निर्माण में धांधली हुई:कहा- रनवे तक पहुंच रहे जानवर; सीलन-दरारें और उखड़ता प्लास्टर दिख रहा

Oct 10, 2026 - 18:43
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प्रतीक भूषण बोले- श्रावस्ती एयरपोर्ट निर्माण में धांधली हुई:कहा- रनवे तक पहुंच रहे जानवर; सीलन-दरारें और उखड़ता प्लास्टर दिख रहा
गोंडा में सदर से भाजपा विधायक और बृजभूषण शरण सिहं के बेटे प्रतीक भूषण सिंह ने श्रावस्ती हवाई अड्डे के निर्माण में धांधली का आरोप लगाया है। उन्होंने 7 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेटर लिखा है। शनिवार शाम करीब 6 बजे सामने आए दो पेज के लेटर में विधायक ने IIT रुड़की की स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट और अपने प्रतिनिधि के निरीक्षण का हवाला दिया है। विधायक के मुताबिक बाउंड्री वॉल टूटने से रनवे तक जानवर पहुंच रहे हैं। पानी की निकासी बंद है। सीलन, दरारें और उखड़ता प्लास्टर दिख रहा है। प्रतीक भूषण ने पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। जल निकासी ठप, भवनों में सीलन और दरारें विधायक प्रतीक भूषण ने सीएम को लिखे पत्र में कहा- मेरे प्रतिनिधि को निरीक्षण में हवाई अड्डे के परिसर में जल निकासी व्यवस्था खराब मिली। नालियों की दीवारें झुककर आपस में मिल गई हैं, जिससे पानी की निकासी बंद है। कैंपस में गंदा पानी और ऊंची घास जमा है। भवनों में सीलन, दरारें और उखड़ता प्लास्टर दिखाई दे रहा है। कुछ जगहों पर सरिए भी कंक्रीट से बाहर निकले हैं। IIT रुड़की की ऑडिट रिपोर्ट का हवाला विधायक ने लेटर में 17 दिसंबर 2025 की IIT रुड़की की थर्ड-पार्टी स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट का हवाला दिया। उनके अनुसार, रिपोर्ट में साल 2019 में बने भवनों में कई तकनीकी खामियां बताई गई हैं। आरोप है कि अग्निशमन केंद्र और बिजली सबस्टेशन में 6 साल में ही कार्बोनेशन सरियों तक पहुंच गया और उनमें जंग लगने लगी। लेटर में लिखा है- अग्निशमन केंद्र के कॉलम में निर्धारित 40 मिमी कंक्रीट कवर के बजाय केवल 10 से 15 मिमी कवर पाया गया। स्लैब की कंक्रीट गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं। टर्मिनल और एटीसी भवन में हनीकॉम्बिंग, सरियों में जंग और वॉटरप्रूफिंग में दरारों के कारण पानी रिसने का दावा किया गया है। स्वीकृत ड्राइंग नहीं मिलने पर उठाए सवाल विधायक ने आरोप लगाया, बार-बार मांगने के बावजूद ऑडिट टीम को स्वीकृत स्ट्रक्चरल ड्राइंग, डिजाइन बेसिस रिपोर्ट और गणना-पत्र उपलब्ध नहीं कराए गए। उनके मुताबिक, दिए गए दस्तावेज भी बने हुए भवनों से मेल नहीं खाते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भवन स्वीकृत ड्राइंग के बिना बनाए गए और यदि ड्राइंग उपलब्ध थीं, तो ऑडिट टीम को क्यों नहीं दी गईं। उन्होंने निर्माण की निगरानी करने वाले अभियंताओं और भुगतान प्रक्रिया की भी जांच की मांग की। बाउंड्री वॉल के नीचे से रनवे तक पहुंच रहे जानवर विधायक ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में हुए निर्माण और नवीनीकरण कार्यों पर भी सवाल उठाए। पत्र के अनुसार, करीब पांच किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल के नीचे से नीलगाय, गाय और सियार जैसे जानवर रनवे क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। इससे विमान सुरक्षा को खतरा होने की आशंका जताई गई है। विधायक ने यह भी दावा किया कि हाल में बना वॉच टावर तेज आंधी में क्षतिग्रस्त हो गया। व्यापक नवीनीकरण के बावजूद टर्मिनल भवन के लगभग सभी कमरों की छतें टपकने की बात भी कही गई है। इनमें सुरक्षा, संचार और निगरानी से जुड़े कमरे शामिल हैं, जहां महंगे उपकरण लगे हैं। 30 दिन में रिपोर्ट देने वाली समिति बनाने की मांग विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने मुख्यमंत्री से नागरिक उड्डयन विभाग से अलग अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में स्वतंत्र तकनीकी और प्रशासनिक समिति बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि समिति में स्ट्रक्चरल विशेषज्ञ, लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अभियंता और वित्त अधिकारी शामिल हों। समिति को 30 दिन में रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी सौंपी जाए। उन्होंने सभी मूल अभिलेख सुरक्षित रखने, मरम्मत से पहले मौके के साक्ष्यों का दस्तावेजीकरण कराने और कार्यदायी संस्था के बकाया भुगतान व सिक्योरिटी मनी पर रोक लगाने की मांग की है। विधायक ने प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता मिलने पर विजिलेंस जांच कराने, दोषी अधिकारियों और अभियंताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने तथा दोषी ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर वित्तीय क्षति की वसूली करने का भी आग्रह किया है। विमान सुरक्षा से जुड़ी कमियां प्राथमिकता पर दूर करने की मांग विधायक ने बाउंड्री वॉल, जल निकासी व्यवस्था और संवेदनशील कक्षों की खामियों को ठेकेदार के खर्च पर प्राथमिकता से ठीक कराने की मांग की है। उनका कहना है कि किसी संभावित विमान दुर्घटना से पहले इन कमियों को दूर करना जरूरी है। पत्र में उन्होंने सार्वजनिक धन से बने ढांचे में लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ………………………………… यह खबर भी पढ़ें- योगी ने अयोध्या से लड़ने का अखिलेश का चैलेंज स्वीकारा:कहा- चेलों से क्या लड़ना, आप भी लड़िए, हम भी लड़ते हैं, आमने-सामने हो मुकाबला योगी ने अखिलेश की अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती स्वीकार की। बलरामपुर में शनिवार को कहा- अयोध्या से आप भी लड़िए, हम भी लड़ते हैं। आप भी अयोध्या में नामांकन करिए, मैं भी करता हूं। चलिए, एक बार किस्मत आजमा लेते हैं। लड़ाई चेलों से क्यों, आमने-सामने होनी चाहिए। एक बार आमना-सामना हो ही जाए। यहां पढ़ें पूरी खबर

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