प्रयागराज में खान अधिकारी ने पकड़ा सिलिका का अवैध खनन:2 जेसीबी, 3 ट्रैक्टर और पत्थर पीसने वाली मशीन सीज, बारा थाने में मुकदमा
प्रयागराज में सिलिका सैंड के अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। वरिष्ठ खान अधिकारी केके राय की अगुवाई वाली टास्क फोर्स टीम ने तहसील बारा के ग्राम परवेजाबाद में छापेमारी कर सिलिका सैंड के बड़े अवैध खनन नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। मौके से अवैध खनन में संलिप्त 02 जेसीबी, 03 ट्रैक्टर और एक पत्थर पीसने की चक्की मशीन को रंगे हाथों पकड़ा है। इसे सीज कर बारा थाने के खड़ा करवा दिया गया है। साथ ही अवैध खनन में लिप्त आरोपियों और वाहन स्वामियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया ओर कोर्ट में 02 परिवाद भी दाखिल कर दिए हैं। डीएम मनीष कुमार वर्मा और एडीएम प्रशासन उपमा पांडेय के निर्देश पर हुई कार्रवाई से खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है। खान अधिकारी ने बताया कि कार्रवाइ और तेज की जाएगी। बारा तहसील क्षेत्र में सिलिका सैंड के पहाड़ हैं। यहां पर कई लोगों को सिलिका सैंड खनन के लिए पट्टे दिए गए हैं लेकिन कुछ माफिया सफेदपोस की शह पर अवैध खनन कर रहे हैं। इसके अलावा जिनको पट्टा मिला है, वह भी दूसरे के क्षेत्रों में खनन कर रहे हैं। बिना रवन्ना के 11 और ओवरलोड 10 ट्रक पकड़े अवैध खनन पर नकेल कसने के साथ-साथ गिट्टी, बालू और सिलिका सैंड के अवैध परिवहन को रोकने के लिए टास्क फोर्स ने 1 अक्टूबर की रात चौतरफा घेराबंदी की। तहसील सदर, करछना, मेजा और बारा में सड़कों पर उतरकर 232 खनिजयुक्त वाहनों की सघन जांच की गई। इस दौरान बिना रवन्ना (ई-प्रपत्र) के गिट्टी, बालू और सिलिका सैंड ढो रहे 11 भारी वाहनों को पकड़कर नैनी, जॉर्जटाउन और मेजा थाने में बंद कराया गया। इसके अलावा निर्धारित क्षमता से अधिक खनिज लादकर फर्राटा भर रहे 10 वाहनों का ऑन-द-स्पॉट भारी-भरकम ऑनलाइन चालान काटा गया। फर्जी नंबर प्लेट वाले ट्रकों पर कस चुके शिकंजा पिछले दिनों चलाए गए अभियानों के दौरान फर्जी नंबर प्लेट और बिना नंबर वाले ट्रकों को पकड़ा गया था, जिनके जरिए रात के अंधेरे में खनिजों का अवैध परिवहन किया जा रहा था। इसके बावजूद अवैध परिवहन में लिप्त माफ़िया नहीं मान रहे हैं। क्या है सिलिका सैंड? सिलिका सैंड (कांच बालू) एक अत्यंत महत्वपूर्ण और कीमती औद्योगिक खनिज है, जिसमें सिलिकॉन डाइऑक्साइड की मात्रा सर्वाधिक होती है। इसका मुख्य उपयोग कांच उद्योग (बोतलें, खिड़कियां, मोबाइल डिस्प्ले), फाउंड्री, सिरेमिक, पेंट और कंस्ट्रक्शन केमिकल्स बनाने में होता है।प्रयागराज का दक्षिणी-पश्चिमी पठारी इलाका (विशेषकर बारा, शंकरगढ़ और जसरा क्षेत्र) उच्च गुणवत्ता वाली सिलिका सैंड का बहुत बड़ा केंद्र है। यहाँ काँच बालू का इतना विशाल भंडार है कि यहाँ से शोधन (वाशिंग/ग्राइंडिंग) के बाद सिलिका सैंड की आपूर्ति उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा और पंजाब समेत देश भर की प्रमुख कांच व औद्योगिक इकाइयों को की जाती है। यही कारण है कि इस कीमती खनिज पर खनन माफियाओं की गिद्ध दृष्टि बनी रहती है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)