प्रयागराज में कटरा रामलीला में कुंभकर्ण और मेघनाद का वध:लक्ष्मण के मूर्छित होने और हनुमान के संजीवनी लाने के मंचन ने दर्शकों को किया भावुक
प्रयागराज में श्री कटरा रामलीला कमेटी की 12 दिवसीय रामलीला प्रस्तुति ‘गाथा राम की...’ के दसवें दिन सोमवार को कुंभकर्ण वध से लेकर मेघनाद वध तक के प्रसंगों का भव्य मंचन किया गया। लंका युद्ध, मेघनाद के शक्ति-बाण से लक्ष्मण के मूर्छित होने और हनुमान के संजीवनी बूटी लाने के दृश्यों ने दर्शकों को रोमांचित किया। आधुनिक मंचीय तकनीक, ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था के जरिए युद्ध के दृश्यों को जीवंत रूप दिया गया। मंचन से पहले आयोजित आरती में मेयर गणेश केसरवानी, कटरा व्यापार मंडल अध्यक्ष राणा चावला, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी आरती, वरिष्ठ भाजपा नेता रविंद्र जायसवाल और पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह शामिल हुए। कमेटी के पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया। रामायण जी की आरती और पूजन के बाद रामलीला का मंचन शुरू हुआ। श्रीराम के बाणों से कुंभकर्ण का वध रामलीला में सबसे पहले श्रीराम की वानर सेना और रावण की राक्षस सेना के बीच भीषण युद्ध दिखाया गया। शंखनाद, युद्धघोष और रोशनी के प्रभावों ने रणभूमि का माहौल बना दिया। इसके बाद विशालकाय कुंभकर्ण के युद्धभूमि में उतरने और वानर सेना पर आक्रमण करने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। अंत में श्रीराम के बाणों से कुंभकर्ण का वध हुआ। संजीवनी से लक्ष्मण को मिला नया जीवन इसके बाद मेघनाद और रामसेना के बीच युद्ध तेज हो गया। मेघनाद के शक्ति-बाण से लक्ष्मण मूर्छित होकर गिर पड़े। लक्ष्मण की हालत देखकर श्रीराम व्याकुल हो उठे। इसके बाद हनुमान के संजीवनी बूटी लाने और लक्ष्मण के होश में आने का मंचन किया गया। लक्ष्मण के स्वस्थ होते ही रामसेना में उत्साह लौट आया। अंतिम प्रसंग में लक्ष्मण और मेघनाद के बीच भीषण युद्ध दिखाया गया। युद्ध के दौरान लक्ष्मण ने मेघनाद का वध कर दिया। इस दृश्य पर दर्शकों ने उत्साह के साथ प्रतिक्रिया दी। आधुनिक तकनीक से सजी रामलीला प्रस्तुति में त्रि-मंचीय संरचना, मल्टीमीडिया एलईडी स्क्रीन, आकर्षक वेशभूषा, संगीत और ध्वनि-प्रकाश व्यवस्था का समन्वय देखने को मिला। रामचरितमानस की चौपाइयों और दोहों को आधुनिक रंगमंचीय तकनीक के साथ प्रस्तुत किया गया। रामलीला की पटकथा और निर्देशन अतुल यदुवंशी ने किया। इस अवसर पर कमेटी अध्यक्ष सुधीर गुप्ता ‘कक्कू’, महामंत्री उमेश केसरवानी, कोषाध्यक्ष अश्वनी केसरवानी, उपाध्यक्ष विनोद केसरवानी, आनंद अग्रवाल और मीडिया प्रभारी डॉ. पवन प्रजापति सहित कमेटी के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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