प्रयागराज में मकान की बाउंड्री कूदकर घुसा तेंदुआ:शोर मचाने पर खेतों की तरफ भागा, 15 दिन से 22 गांवों में दहशत; रातभर जाग रहे ग्रामीण
प्रयागराज के गंगापार इलाके में करीब 15 दिनों से तेंदुए की दहशत बनी हुई है। हर दूसरे दिन किसी न किसी गांव में तेंदुए की आहट से ग्रामीणों में डर का माहौल है। अब तक तेंदुआ एक भैंस और करीब छह बकरियों को अपना शिकार बना चुका है। इसके बाद ग्रामीण बच्चों को अकेले घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। खेतों में काम करने के लिए लोग समूह बनाकर जा रहे हैं। मवेशियों को भी खुले में छोड़ने के बजाय बाड़े के अंदर बांधा जा रहा है। बकरी, बकरियां और बछड़ों को चरने के लिए बाहर नहीं भेजा जा रहा। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीमें गांव-गांव निगरानी कर रही हैं। कई जगह पिंजरे भी लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ काफी चालाक है और वन विभाग की गतिविधियों की भनक लगते ही दूसरे गांव की ओर निकल जाता है। अजबैयां में बाउंड्री कूदकर घर में घुसा तेंदुआ सरायइनायत थाना क्षेत्र के अजबैयां गांव में मंगलवार रात तेंदुआ एक मकान की बाउंड्री कूदकर अंदर पहुंच गया। मकान बेला सिंह का बताया गया है। तेंदुए को देखकर शोर मचा तो वह वहां से निकलकर झाड़ियों की ओर चला गया। इसके बाद कई घंटे तक गांव में हंगामा और अफरा-तफरी का माहौल रहा। तेंदुए की दहशत के बीच अफवाहें भी फैलती रहीं। ग्रामीण पूरी रात जागते रहे। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर तेंदुए की तलाश की, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। रेंजर लक्ष्मीकांत दुबे और डिप्टी रेंजर सत्येंद्र चौधरी टीम के साथ आधी रात तक इलाके में निगरानी करते रहे। कोटवा में दो बार दिखा तेंदुआ अजबैयां से पहले कोटवा गांव में भी तेंदुए की मौजूदगी देखी गई थी। गांव के रज्जू ने राजकुमार सिंह के पोल्ट्री फार्म के पास तेंदुए को देखा। वह शोर मचाकर वहां से भागा, जिसके बाद ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए। इसके बाद कोटवा के प्राथमिक विद्यालय परिसर में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के गलियारे में भी तेंदुआ दिखाई देने की सूचना मिली। इससे इलाके में कई घंटे तक दहशत बनी रही। इन गांवों में नजर आया, दहशत का माहौल हंडिया तहसील के सैदाबाद ब्लॉक के ऊष्मापुर गांव में तेंदुआ दो बार दिखाई दे चुका है। यहां मवेशियों पर हमले के बाद वन विभाग की टीमों ने निगरानी बढ़ा दी। ऊष्मापुर के अलावा रसूलपुर, तेलियातारा, हरिहरपुर, गढ़वा, राका, दुलापुर, बाहरपुर और दुमदुमा में भी तेंदुए के देखे जाने की सूचना मिली है। इसके अलावा हनुमानगंज, सुदनीपुर, कतवारूपुर, मई कली, छिबैया, दुर्वासा, लीलापुर, सुदनी कला, कोटवा, जमुनीपुर, पिपारे और ककरा समेत कई गांवों में लोग दहशत में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों, जंगली रास्तों और आबादी के आसपास अलग-अलग जगहों पर तेंदुआ दिखाई देने से डर लगातार बढ़ रहा है। ऊष्मापुर में पिंजरा लगाया, फिर भी नहीं आया तेंदुआ तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने ऊष्मापुर में पिंजरा लगाया है। इसके बावजूद तेंदुआ अभी तक पिंजरे में नहीं आया। पुलिस और वन विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही हैं। राम लखन दरोगा के साथ पुलिसकर्मी इलाके में तैनात हैं। वहीं, मनोज यादव के नेतृत्व में वन विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। तेंदुए के हमलों से ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान भी हुआ है। तेलियातारा गांव में तेंदुए ने एक भैंस पर हमला कर दिया। हमले में घायल भैंस की मौत हो गई। वहीं, ऊष्मापुर में तेंदुआ अब तक करीब 5 से 6 बकरियों को अपना शिकार बना चुका है। लगातार हो रहे हमलों के कारण ग्रामीण मवेशियों को खुले में छोड़ने से भी डर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़कर आबादी से दूर ले जाए, ताकि लोगों और मवेशियों पर खतरा टल सके।
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