प्रयागराज में मंत्री नन्दी ने किसानों को बांटे चेक:योगी सरकार ने 9 लाख से ज्यादा किसानों को 500 करोड़ की राहत राशि दी

Oct 12, 2026 - 19:11
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प्रयागराज में मंत्री नन्दी ने किसानों को बांटे चेक:योगी सरकार ने 9 लाख से ज्यादा किसानों को 500 करोड़ की राहत राशि दी
प्रयागराज में प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को राहत पहुंचाने के लिए सोमवार को प्रयागराज कलेक्ट्रेट स्थित संगम सभागार में कृषि निवेश अनुदान-राहत सहायता वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने प्रयागराज के आपदा प्रभावित किसानों को राहत राशि के सांकेतिक चेक वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन का सजीव प्रसारण भी किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से प्रदेश के नौ लाख से अधिक आपदा प्रभावित किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से करीब 500 करोड़ रुपये की राहत राशि हस्तांतरित की। यह सहायता अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, चक्रवात और बाढ़ के कारण फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए दी गई है। प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री नन्दी ने किसानों को सरकार की ओर से दी जा रही सहायता की जानकारी दी। मंत्री नन्दी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। प्राकृतिक आपदा के कारण फसलों को नुकसान होने पर प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि उन्हें संकट के समय राहत मिल सके और वे अपनी आजीविका को दोबारा पटरी पर ला सकें। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मानसून के दौरान आपदा प्रभावित किसानों और नागरिकों को अब तक करीब एक हजार करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। सरकार का उद्देश्य है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को राहत के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रशासन को फसल, पशुधन और आवास को हुए नुकसान का तत्काल सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। सर्वे के आधार पर पात्र प्रभावित लोगों तक बिना अनावश्यक देरी के सहायता पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनकी मेहनत और आजीविका की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों को समय से आर्थिक मदद उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि वे नुकसान से उबरकर खेती-किसानी और अपने दूसरे कामकाज को फिर से शुरू कर सकें।

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