प्रयागराज में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे पर अड़े प्रदर्शनकारी:SIR रद्द व पुरानी लिस्ट बहाल करने की मांग,राजनीतिक-छात्र संगठनों का विरोध जारी
पिछले कई दिनों से प्रयागराज में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) रद्द करने की मांग को लेकर राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों, अधिवक्ताओं व सामाजिक संगठनों का प्रदर्शन जारी है। रैलियों, पैदल मार्चों, धरनों और पुतला दहन के साथ विरोध हो रहे है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जिससे मतदान के अधिकार पर खतरा पैदा हुआ है। इसी आधार पर उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या पद से हटाने, एसआईआर रद्द करने और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है। संगठनों ने आयुक्त के कार्यकाल की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि जांच पूरी होने तक आयुक्त को पद से हटाया जाए या वे इस्तीफा दे दें। राजनीतिक दलों का प्रदर्शन समाजवादी पार्टी की जिला और महानगर इकाइयों ने ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के तहत बालसन चौराहे से पैदल मार्च निकाला। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की; प्रदर्शन के दौरान पुतला फूंका गया और धरने से करीब दो घंटे यातायात प्रभावित रहा। सपा के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की स्वायत्तता कमजोर की जा रही है। मार्च जिला कचहरी पहुंचकर समाप्त हुआ, जहां प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रगान भी गाया गया। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन किया था। मशाल यात्रा निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया और उनके पोस्टर जलाए। कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता न बरतने का आरोप लगाते हुए इस्तीफे की मांग की। छात्र संगठनों का आंदोलन आइसा और दिशा छात्र संगठन ने छात्रसंघ भवन से प्रदर्शन शुरू कर मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और एसआईआर रद्द करने की मांग उठाई। संगठन का आरोप है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया से मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं और इससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हो रही है। बाद में संगठन ने अल्लापुर सब्जी मंडी से बख्शी बांध तक आक्रोश मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई का विरोध भी किया और हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों के पक्ष में कार्रवाई की मांग की। वहीं बीते सोमवार को प्रयागराज में मार्च से पहले पुलिस और एसओजी की टीम ने कई छात्र नेताओं व छात्रों को हिरासत में लेने की खबर भी सामने आई। छात्रों का आरोप है कि छात्रावासों और कमरों तक पहुंचकर उन्हें रोका गया। अधिवक्ताओं और सामाजिक संगठनों की भागीदारी इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट से सुभाष चौराहे तक मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।
अधिवक्ता मंच के बैनर तले अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष भी प्रदर्शन हुआ, जहां ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ और ‘पुरानी निर्वाचन सूची बहाल करो’ जैसी मांगों वाले पोस्टर दिखाए गए। वहीं, वामपंथी दलों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा। कुछ सामाजिक संगठनों ने भी जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर आयुक्त के कार्यकाल की जांच की मांग की। प्रशासन और यातायात पर असर लगातार हो रहे मार्चों और धरनों के कारण शहर के प्रमुख चौराहों पर पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। बालसन चौराहे पर सपा के धरने के दौरान यातायात करीब दो घंटे प्रभावित रहा, जबकि हाईकोर्ट से सुभाष चौराहे तक अधिवक्ताओं के मार्च के दौरान भी सड़क पर भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था देखी गई। प्रदर्शनकारी संगठनों ने साफ कहा है कि उनकी मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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