प्रयागराज में सैन्य अस्पताल में रक्तदान शिविर:सैन्य नर्सिंग सेवा के 100 साल पूरे होने पर हुआ आयोजन, योगदान को किया याद
प्रयागराज में सैन्य नर्सिंग सेवा (एमएनएस) के 100 साल पूरे होने पर गुरुवार को सेना के अस्पताल में रक्तदान शिविर लगाया गया। शिविर में अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों और स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान लोगों ने रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों की मदद का संदेश दिया। शिविर का उद्घाटन सैन्य अस्पताल प्रयागराज की प्रधान मैट्रन कर्नल सुलेखा जे ने नर्सिंग अधिकारियों की टीम के साथ किया। इस मौके पर सैन्य नर्सिंग सेवा के 100 साल के सफर और देश के लिए दिए गए योगदान को याद किया गया। आयोजकों ने कहा कि रक्त की जरूरत किसी भी मरीज को कभी भी पड़ सकती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान किसी की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शिविर में शामिल स्वास्थ्यकर्मियों और रक्तदाताओं ने सेवा और सहयोग की भावना के साथ रक्तदान किया। सैन्य नर्सिंग सेवा पिछले 100 वर्षों से सेना के साथ-साथ देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में अपनी सेवाएं दे रही है। नर्सिंग अधिकारियों ने अलग-अलग परिस्थितियों में मरीजों की देखभाल और उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शताब्दी वर्ष के मौके पर आयोजित यह रक्तदान शिविर इसी सेवा और समर्पण को याद करने का एक हिस्सा रहा। कार्यक्रम में सैन्य नर्सिंग सेवा के आदर्श वाक्य “मुस्कान के साथ सेवा” की भावना भी देखने को मिली। अधिकारियों ने कहा कि नर्सिंग सेवा का काम केवल मरीजों की देखभाल तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत के समय लोगों की मदद करना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। रक्तदान शिविर के जरिए लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए भी जागरूक किया गया। आयोजकों के मुताबिक, रक्तदान का हर योगदान किसी जरूरतमंद मरीज के लिए मददगार साबित हो सकता है। रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क अधिकारी एवं प्रवक्ता विंग कमांडर देबार्थो धर ने बताया कि यह कार्यक्रम सैन्य नर्सिंग सेवा के शताब्दी समारोह के तहत आयोजित किया गया। शिविर के जरिए एमएनएस के 100 साल की सेवा और उन सभी नर्सिंग अधिकारियों को सम्मान दिया गया, जिन्होंने कर्तव्य और समर्पण के साथ देश की सेवा की।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)