प्रयागराज सेक्स रैकेट केस में एडीए चौकी इंचार्ज सस्पेंड:अपार्टमेंट में ज्वेलर की मौत के समय मौके पर मौजूदगी को लेकर भी सवाल
प्रयागराज में नैनी के मानस विहार अपार्टमेंट में ज्वेलर्स भूपेंद्र सोनी की मौत के बाद सामने आए सेक्स रैकेट के मामले में अब पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। एडीए चौकी प्रभारी लेखपाल सिंह को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रथमदृष्ट्या चौकी प्रभारी की ओर से प्रभावी कार्रवाई और सजगता नहीं बरते जाने की बात सामने आई है। विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं। पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान सामने आया था कि अपार्टमेंट में लंबे समय से सेक्स रैकेट चल रहा था। इसके बावजूद चौकी क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने को पुलिस अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। इसी आधार पर एडीए चौकी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
लंबे समय से चल रहा था सेक्स रैकेट
अधिकारियों का कहना है कि चौकी क्षेत्र में लंबे समय से इस तरह की गतिविधि का संचालन होना बताता है कि चौकी प्रभारी की ओर से प्रभावी कार्रवाई और पर्याप्त सजगता नहीं दिखाई गई। इसी प्रथमदृष्ट्या लापरवाही के आधार पर लेखपाल सिंह को सस्पेंड किया गया है। फ्लैट में बुलाए जाते थे ग्राहक
दरअसल, ज्वेलर्स भूपेंद्र सोनी की मौत की जांच के दौरान नैनी पुलिस ने तीन महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों से पूछताछ में पुलिस के सामने अपार्टमेंट के फ्लैटों में लंबे समय से सेक्स रैकेट संचालित होने की बात आई थी। पुलिस के मुताबिक, फ्लैट नंबर 604 और 605 में ग्राहकों को बुलाया जाता था और इसके लिए महिलाओं को बुलाकर रकम तय की जाती थी।
घटना के वक्त चौकी प्रभारी मौजूद थे
इस पूरे मामले में अब एक और सवाल चर्चा में है। सूत्रों के मुताबिक, जिस वक्त अपार्टमेंट में भूपेंद्र सोनी के साथ विवाद हुआ और वह छठवीं मंजिल से नीचे गिरा, उस दौरान एडीए चौकी प्रभारी लेखपाल सिंह की वहां मौजूदगी बताई जा रही है।
हालांकि, इस संबंध में पूछताछ किए जाने पर चौकी प्रभारी ने अधिकारियों को अपनी सफाई दी है। उन्होंने बताया कि अपार्टमेंट में लगातार चोरियां होने की शिकायतें मिलती थीं। इसी सिलसिले में वह गश्त करने के लिए वहां पहुंचे थे। उनके साथ कांशीराम चौकी प्रभारी रामानंद विश्वकर्मा भी मौजूद थे।
कांशीराम चौकी प्रभारी ने बताया- बॉर्डर क्षेत्र होने से गए थे
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों ने जब कांशीराम चौकी प्रभारी रामानंद विश्वकर्मा से वहां जाने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि मानस विहार अपार्टमेंट बॉर्डर क्षेत्र में आता है, इसलिए वह उस इलाके में गए थे। फिलहाल घटना के समय अपार्टमेंट में दोनों चौकी प्रभारियों की मौजूदगी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
ज्वेलर्स की मौत से खुला था पूरा मामला
26 सितंबर को घूरपुर निवासी नेबूलाल सोनी ने नैनी थाने में तहरीर देकर अपने 32 वर्षीय बेटे और ज्वेलरी कारोबारी भूपेंद्र सोनी की हत्या का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि भूपेंद्र को फोन करके बुलाया गया और इसके बाद उसे ऊंचाई से नीचे धक्का दे दिया गया। पुलिस का दावा, पैसों को लेकर हुए ववाद में नीचे गिरा
पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। जांच के दौरान सरिता उर्फ जिया देवी, अनूप सोनी, विशाल वर्मा, किरन उर्फ नेहा और सपना वर्मा के नाम सामने आए। इन सभी को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 25 सितंबर को भूपेंद्र फ्लैट में आया था। दो महिलाओं के साथ आपत्तिजनक संबंध के लिए रकम तय हुई थी। बाद में कम पैसे देने को लेकर विवाद हुआ और हाथापाई के दौरान भूपेंद्र बालकनी से नीचे गिर गया। अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
अब पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच
सूत्रों का कहना है कि सस्पेंशन के साथ ही चौकी प्रभारी की विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं। अब विभागीय जांच में यह भी स्पष्ट होगा कि अपार्टमेंट में लंबे समय से चल रही गतिविधियों की जानकारी स्थानीय पुलिस को थी या नहीं, वहां पुलिस की नियमित गश्त और निगरानी किस स्तर पर होती थी और घटना के समय दोनों चौकी प्रभारियों की मौजूदगी का वास्तविक कारण क्या था।
डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने बताया, प्रथमदृष्ट्या प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने की बात सामने आने पर एडीए चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया है। मामले में विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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