पर्यटन योजनाओं की धीमी प्रगति पर मंत्री नाराज:बोले- जमीन पर दिखें परिणाम, नैमिषारण्य समेत 3 तीर्थस्थलों पर 15 नवंबर तक लगेंगे कैमरे
उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में पर्यटन को अहम सेक्टर के तौर पर विकसित करने की तैयारी है। मंगलवार को पर्यटन भवन में हुई समीक्षा बैठक में पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने डेलॉयट की ओर से तैयार कार्ययोजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि करीब दो साल में कार्ययोजना पर संतोषजनक प्रगति नहीं हुई है। अब सिर्फ योजना बनाने के बजाय उसके परिणाम जमीन पर दिखाई देने चाहिए। मंत्री ने डेलॉयट के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि प्रस्तावित योजनाओं पर जल्द काम शुरू किया जाए। नैमिषारण्य, विंध्याचल धाम और चित्रकूट के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर नाइट विजन कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इन्हें 15 नवंबर तक स्थापित कर दिसंबर तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। इन कैमरों के जरिए पर्यटकों की संख्या का वास्तविक आंकड़ा जुटाने की व्यवस्था की जाएगी। 14 पर्यटन सर्किट के 60 जिलों का मांगा वास्तविक आंकड़ा बैठक में प्रदेश के 14 पर्यटन सर्किट से जुड़े 60 जिलों में पर्यटकों की संख्या, ठहराव और पर्यटन गतिविधियों के वास्तविक आंकड़े जुटाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही प्रदेश में संचालित रेस्टोरेंट और ढाबों की संख्या का भी डाटा तैयार करने को कहा गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पर्यटकों की गिनती के आंकड़े अनुमान पर नहीं, बल्कि तथ्यात्मक आधार पर होने चाहिए। काशी, विंध्याचल धाम और नैमिषारण्य में पर्यटन संसाधनों के प्रचार और निवेश आकर्षित करने के लिए अलग कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। सोशल मीडिया, रोड शो और अन्य माध्यमों से प्रदेश के पर्यटन सर्किट का प्रचार बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। जून तक 58 करोड़ पर्यटकों के आने का दावा डेलॉयट के प्रतिनिधियों ने बैठक में बताया कि जून 2026 तक प्रदेश में करीब 58 करोड़ पर्यटक पहुंचे। प्रयागराज, अयोध्या, वाराणसी, मथुरा और चित्रकूट में पर्यटकों की संख्या अधिक रही। इससे होटल कारोबार और पर्यटकों के ठहराव में भी वृद्धि हुई है। प्रतिनिधियों के मुताबिक पर्यटन गतिविधियों से जीएसटी राजस्व में भी सकारात्मक असर देखने को मिला है। बैठक में मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ाने पर जोर दिया गया। लखनऊ समेत बड़े शहरों में इलाज के लिए विदेशों से आने वाले लोगों की संख्या बढ़ने का हवाला देते हुए मेडिकल टूरिज्म के लिए अलग रणनीति तैयार करने पर चर्चा हुई। पर्यटन क्षेत्र में हजारों करोड़ के निवेश प्रस्ताव डेलॉयट ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में करीब 1,000 होटलों के नक्शे स्वीकृत हुए हैं। इसके अलावा विभिन्न कंपनियों की ओर से पर्यटन और सेवा क्षेत्र में बड़े निवेश प्रस्ताव मिले हैं। महिंद्रा हॉलीडेज ने वाराणसी और अयोध्या में करीब 500 करोड़ रुपये, इमैजिका वर्ल्ड एंटरटेनमेंट ने ग्रेटर नोएडा में 400 करोड़ रुपये, टक्साल थिएटर ने वाराणसी में 295 करोड़ रुपये और राजदीप इंफ्रा एंड सेल्स ने लखनऊ में 200 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है। आईटीसी होटल्स की ओर से लखनऊ में 350 से 400 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव बताया गया। मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने कार्ययोजना के क्रियान्वयन की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में पर्यटन विभाग की बड़ी भूमिका है। उन्होंने अयोध्या, चित्रकूट, विंध्याचल धाम और नैमिषारण्य के विकास को लेकर सुझाव भी दिए। पर्यटन मंत्री ने कहा कि प्रदेश में कनेक्टिविटी और कानून-व्यवस्था में सुधार के साथ पर्यटन क्षेत्र में बदलाव आया है। अब बुनियादी ढांचे के विस्तार, निजी निवेश और पर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया जा रहा है। नई पर्यटन नीति भी प्रस्तावित है, जिसे जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा।
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