पति के निधन के बाद गीता बनी आत्मनिर्भर:श्रीवंश समूह की मदद से पनवाड़ी सीएचसी में खोली कैंटीन, बच्चों का भविष्य संवार रही
महोबा के ग्राम पनवाड़ी के मुहाल रहुनियापुरा निवासी गीता के पति लक्ष्मीप्रसाद का बीमारी से निधन हो गया। इसके बाद बच्चों की पढ़ाई और परिवार के पालन-पोषण की जिम्मेदारी उन पर आ गई। घर चलाने की चुनौती थी। एक पड़ोसी की सलाह पर गीता श्रीवंश समूह से जुड़ीं। उन्होंने संस्था से 45 हजार रुपये की सहायता लेकर पनवाड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक कैंटीन शुरू की। शुरुआत में दिक्कतें आईं, पर गीता की मेहनत से कैंटीन सफल हो गई। आज इसकी कमाई से परिवार का खर्च चल रहा है और बच्चों की पढ़ाई भी जारी है। गीता ने इस बदलाव के लिए श्रीवंश समूह और प्रदेश की योगी सरकार का आभार जताया। वह अब आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार की जिम्मेदारी निभा रही हैं।
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