पत्नी से बोले- सुबह घर आऊंगा, मिली मौत की खबर:सभासद ने फोन पर बेटी का हाल पूछा; जवान का शव लेकर आते समय हादसे में गई जान

Oct 06, 2026 - 18:29
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पत्नी से बोले- सुबह घर आऊंगा, मिली मौत की खबर:सभासद ने फोन पर बेटी का हाल पूछा; जवान का शव लेकर आते समय हादसे में गई जान
देवरिया के जवान सत्यवान सिंह का पार्थिव शरीर लेने गए भतीजे राजन चौधरी की भी हादसे में मौत हो गई थी। शुक्रवार रात वह फूफा का पार्थिव शरीर लेने के लिए चंडीगढ़ रवाना हुए। उन्होंने पत्नी प्रतिभा से शनिवार रात करीब 1 बजे फोन पर बात की थी। 4 साल की बेटी आरना का हाल पूछा। पत्नी ने बताया- बेटी सो गई है। राजन ने कहा था कि वह सुबह घर पहुंच जाएंगे। रविवार सुबह घर लौटने के बजाय उनकी सड़क हादसे में मौत की खबर पहुंची। वह बीजेपी से सभासद भी थे। तीन दिन में लौटने की बात कहकर निकले थे परिजनों ने बातया- राजन फूफा का शव लेकर तीन दिन में घर लौटने की बात कहकर निकले थे। शुक्रवार रात करीब 9 बजे वह फूफा रामसमुझ सिंह के साथ चंडीगढ़ के लिए रवाना हुए थे। रविवार सुबह करीब 10 बजे परिवार को हादसे में उनकी मौत की सूचना मिली। खबर मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। पत्नी से आखिरी बार बेटी का हाल पूछा शनिवार रात राजन रिश्तेदारों के संपर्क में थे। इसके बाद उन्होंने पत्नी प्रतिभा को फोन किया। बेटी आरना के बारे में पूछा। पत्नी ने बताया कि वह सो गई है। राजन ने सुबह घर पहुंचने की बात कही। उन्होंने छोटे भाई विक्की चौधरी से भी बात की थी। परिवार को तब अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी बातचीत होगी। पति के लौटने का इंतजार करती रही प्रतिभा रविवार सुबह प्रतिभा को पति के घर लौटने का इंतजार था। उन्हें भरोसा था कि राजन सुबह बेटी से मिलने पहुंच जाएंगे। करीब 10 बजे हादसे में मौत की खबर मिली तो वह बदहवास हो गईं। वह बार-बार पति के सुबह लौटने की बात याद कर रो रही हैं। चार साल की आरना को देखकर परिवार का दर्द और बढ़ जा रहा है। पिता बोले- अब खाने के लिए कौन पूछेगा उदयपुर कोतवाली क्षेत्र के भटोली वार्ड निवासी राजन के पिता रामप्रीत चौधरी बेटे की मौत से टूट गए हैं। उन्होंने बताया कि राजन शाम को घर लौटने के बाद उनसे खाना खाने के बारे में जरूर पूछता था। पिता ने बताया कि पिछले तीज के दिन एक्सीडेंट होने पर भी राजन उन्हें अस्पताल ले गया था और इलाज कराया था। उन्होंने कहा कि अब घर में बेटे की आवाज और उसकी रोजमर्रा की बातें ही याद रह गई हैं। मां बोलीं- भगवान ने मेरी आंख का तारा छीन लिया राजन की मां मालती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बेटे को याद कर बार-बार बिलख रही हैं। मां ने बताया कि राजन जरूरत पड़ने पर दूसरों की मदद के लिए खड़े हो जाते थे। मोहल्ले के लोगों से भी उनका जुड़ाव था। उन्होंने कहा कि भगवान ने उनकी आंख का तारा छीन लिया। पहली बार चुनाव लड़े, वार्ड से बने सभासद परिजनों के अनुसार राजन ने पहली बार चुनाव लड़ा था। वह अपने वार्ड से भाजपा के सभासद चुने गए थे। जनप्रतिनिधि बनने के बाद भी उनका लोगों से जुड़ाव बना रहा। चार भाइयों में राजन दूसरे नंबर पर थे। उनके बड़े भाई रंजीत चौधरी और छोटे भाई राजू व विक्की चौधरी हैं। बहन रानी समेत परिवार के अन्य सदस्य भी शोक में हैं। उनकी मौत से गांव और आसपास के इलाके में मातम पसरा है।

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