पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने मिर्जापुर में बिजली-पानी संकट उठाया:3 साल बाद मिलकर भावुक हुईं, बुजुर्ग के साथ बैठीं पूर्व डीएम; बोलीं- आधे गांव में आज भी बिजली नहीं

Oct 17, 2026 - 07:45
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पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने मिर्जापुर में बिजली-पानी संकट उठाया:3 साल बाद मिलकर भावुक हुईं, बुजुर्ग के साथ बैठीं पूर्व डीएम; बोलीं- आधे गांव में आज भी बिजली नहीं
मिर्जापुर में पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल शुक्रवार शाम गांवों के दौरे पर पहुंचीं तो लोगों ने बैंड-बाजे और फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। हलिया क्षेत्र के भैंसोड़ बलाय गांव में दुइजी से उनकी मुलाकात भावुक कर देने वाली रही। करीब तीन साल बाद हुई इस मुलाकात में दोनों की आंखें भर आईं। दुइजी ने अपने हाथों से उन्हें पानी पिलाया और महिलाओं ने माला पहनाकर स्वागत किया। दिव्या मित्तल ने इस दौरान गांव की बुनियादी समस्याओं और बच्चों की पढ़ाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि उनके जिलाधिकारी रहते हुए भी गांव के आधे हिस्से में बिजली नहीं थी और आज भी स्थिति नहीं बदली है। उन्होंने बिजली-पानी की समस्या दूर करने और जंगल की जमीन के कारण रुके जूनियर हाईस्कूल के निर्माण का मिल-बैठकर समाधान निकालने की अपील की। दुइजी के साथ चारपाई पर बैठीं, छलक पड़े आंसू भैंसोड़ बलाय गांव में दुइजी चारपाई पर बैठकर दिव्या मित्तल का इंतजार कर रही थीं। उनके पास एक कुर्सी भी रखी गई थी, लेकिन पूर्व डीएम ने कुर्सी पर बैठने के बजाय दुइजी के साथ चारपाई पर बैठना पसंद किया। महिलाओं में उन्हें माला पहनाने की होड़ लगी रही। घर पर मिठाई से उनका स्वागत किया गया। दुइजी ने अपने हाथों से उन्हें पानी पिलाया। इस दौरान दोनों के बीच स्नेह देखकर माहौल भावुक हो गया। दिव्या मित्तल ने कहा कि उन्हें पता था कि वह भावुक हैं, लेकिन यह नहीं सोचा था कि उनकी आंखों से आंसू छलक पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि आंसू एक पवित्र भाव हैं। जब मन भर जाता है तो भावनाएं आंखों से छलक पड़ती हैं। हलिया के लोगों के प्यार को भुला पाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर वह लोगों को भूल जातीं तो यहां नहीं आतीं। बोलीं- आधे गांव में आज भी बिजली नहीं, मिलकर निकालें हल दिव्या मित्तल ने भैंसोड़ बलाय पहाड़ी के गांव में बिजली की समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जब वह जिलाधिकारी थीं, तब भी गांव के आधे हिस्से में बिजली नहीं पहुंची थी और आज भी वही स्थिति है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को सुविधाओं की जरूरत है, उन्हें उनका लाभ मिलना चाहिए। संबंधित लोगों को इस समस्या का जवाब देना चाहिए और मिलकर समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने गांव में जूनियर हाईस्कूल के निर्माण का मुद्दा भी उठाया। बताया कि बच्चों की पढ़ाई की जरूरत को देखते हुए विद्यालय स्वीकृत किया गया था, लेकिन जंगल की जमीन से जुड़े मामले के कारण निर्माण कार्य रुक गया। उन्होंने सक्षम लोगों से बैठकर इस समस्या का हल निकालने की अपील की, ताकि बच्चों की पढ़ाई के लिए जरूरी व्यवस्था हो सके। छह गांवों की रामलीला में पहुंचीं दिव्या मित्तल शुक्रवार रात मदनपट्टी, गड़गेड़ी, कोल्हुआ, कमासिन, रामपुर और तिलठी में आयोजित रामलीला कार्यक्रमों में पहुंचीं। हर गांव में ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। आयोजन समितियों ने उन्हें कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने रामलीला का मंचन देखा और कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। देर रात तक उनसे मिलने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। दिव्या मित्तल ने रामलीला को गांवों को जोड़ने वाली परंपरा बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन धार्मिक आस्था के साथ आपसी मेलजोल, सहयोग और सांस्कृतिक चेतना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कलाकारों, आयोजन समितियों और ग्रामीणों का आभार जताया। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पार्टी से जुड़ने के लिए JANNEETIBHARAT.COM वेबसाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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