राजनगर एक्सटेंशन रामलीला में सीता स्वयंवर का मंचन:श्रीराम के द्वारा धनुष का खंडन करते ही देवताओं द्वारा पुष्प वर्षा की गई

Oct 17, 2026 - 07:45
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राजनगर एक्सटेंशन रामलीला में सीता स्वयंवर का मंचन:श्रीराम के द्वारा धनुष का खंडन करते ही देवताओं द्वारा पुष्प वर्षा की गई
गाजियाबाद में राजनगर एक्सटेंशन रामलीला में कलाकारों के द्वारा सीता स्वयंवर लक्ष्मण जनक संवाद एवं लक्ष्मण परशुराम संवाद के दृश्य का मंचन किया गया। दृश्य में दिखाया गया कि भगवान राम स्वयंवर में जैसे ही प्रवेश करते हैं सब उनके मनमोहक रूप को देखकर मोहित हो उठते हैं। स्वयंवर में महाराजा जनक घोषणा करते हुए कहते हैं कि जो भी राजा धनुष का खंडन करेगा उस राजा से अपनी पुत्री सीता का विवाह करेंगे। राजा जनक की घोषणा को सुनकर आए अलग अलग राजाओं ने एक-एक करके धनुष को खंडन करने का प्रयास किया लेकिन सभी राजा विफल रहे। अनेक राजा धनुष को हिला तक नहीं सके धनुष का खंडन तो दूर कोई भी राजा धनुष को हिला तक नहीं पाए। यह सब देखकर महाराजा जनक भरी सभा में एलान करते हैं कि विश्व में कोई भी वीर नहीं बचा जो इस धनुष का खंडन करेगा। उनकी बात को सुनकर भगवान राम के साथ मौजूद उनके भाई लक्ष्मण क्रोधित होते है। लक्ष्मण को क्रोधित होता देख भगवान राम ने उनको शांत किया। यह सब देखकर मुनि विश्वामित्र ने भगवान श्रीराम को आदेश दिया कि वह धनुष का खंडन करें। भगवान श्रीराम गुरु का आदेश का पालन करते हुए धनुष को तिनके के समान उठा कर उसका खंडन कर देते हैं। श्रीराम द्वारा धनुष का खंडन करते ही देवताओं के द्वारा पुष्प वर्षा के के साथ अभिनंदन किया जाता है। धनुष तोड़ने के बाद माता सीता ने भगवान राम के गले में जयमाला डाल दी। सभी देवी देवताओं ने पुष्प वर्षा कर दोनों को आशीर्वाद दिया। परशुराम क्रोधित होकर सभा में पहुंचे शिव धनुष टूटने की आवाज़ सुनकर क्रोधित होकर परशुराम, राजा जनक की सभा में आ पहुंचते हैं और धनुष तोड़ने वाले को ललकारते हैं। श्रीराम अत्यंत शीतल, विनम्र और मधुर वचनों से परशुराम जी का क्रोध शांत करने का प्रयास करते हैं और स्वयं को उनका दास बताते हैं। लक्ष्मण परशुराम के अत्यधिक क्रोध और उनके फरसे को देखकर मुस्कुराते हैं और व्यंग्य करते हैं कि बचपन में उन्होंने ऐसे कई छोटे-बड़े धनुष तोड़े हैं, तब तो ऐसा क्रोध कभी नहीं हुआ l परशुराम लक्ष्मण को बालक समझकर मारने की धमकी देते हैं और अपनी वीरता तथा सहस्रबाहु के वध का गुणगान करते हैं। लक्ष्मण भी जवाब में कहते हैं कि शूरवीर अपनी वीरता युद्धभूमि में दिखाते हैं, स्वयं मुंह से अपनी प्रशंसा नहीं करते। यह रहे मौजूद इस अवसर पर रामलीला ट्रस्ट के अनिल तोमर, अनिल शर्मा, दीपक सहलोत, अंकित गुप्ता, नरेश सिरोही, मनोज अग्रवाल, राहुल ढाका, अरविंद भारद्वाज, एनके शर्मा, अनिरुद्ध पंवार, BP उपाध्याय और अन्य मौजूद रहे।

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