पूर्व सैनिक से एक लाख की ठगी:5 साल में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर की धोखाधड़ी

Sep 30, 2026 - 20:16
0
पूर्व सैनिक से एक लाख की ठगी:5 साल में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर की धोखाधड़ी
कानपुर के कल्याणपुर में पांच साल में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर 78 वर्षीय पूर्व सैनिक से एक लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप वीएसीएल इंडिया रियल एस्टेट कंपनी से जुड़े लोगों पर है। पीड़ित की तहरीर पर कल्याणपुर पुलिस ने कंपनी के निदेशक बृजेन्द्र सिंह चौहान समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कंपनी से जुड़ी धोखाधड़ी के 20 से अधिक मुकदमे पहले से दर्ज होने की बात भी सामने आई है। कन्नौज के सौरिख थाना क्षेत्र के ईजलपुर निवासी पूर्व सैनिक कैप्टन मगनानन्द ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि दिसंबर 2018 में नगला सहोरा निवासी आदेश कुमार ने उनसे संपर्क किया था। आरोप है कि आदेश ने पांच साल में रकम दोगुनी होने का भरोसा दिलाया। उसकी बातों पर विश्वास करके पूर्व सैनिक ने एक लाख रुपये दे दिए। आरोप है कि आदेश कुमार ने यह रकम कल्याणपुर स्थित वीएसीएल इंडिया रियल एस्टेट कंपनी में पांच वर्ष की अवधि के लिए जमा कराई थी। सात साल बाद भी नहीं मिली जमा रकम पीड़ित के मुताबिक, पांच साल की निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो उन्हें रकम नहीं दी गई। दिसंबर 2018 में जमा की गई रकम को करीब सात वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन न तो मूलधन वापस मिला और न ही वादे के मुताबिक रकम दोगुनी हुई। पीड़ित का दावा है कि ब्याज समेत उनकी रकम अब दो लाख रुपये से अधिक होनी चाहिए। तहरीर के मुताबिक, पूर्व सैनिक ने कई बार आदेश कुमार से अपनी रकम वापस करने के लिए कहा। आरोप है कि हर बार उन्हें टाल दिया गया। पीड़ित का आरोप है कि कंपनी से जुड़े लोगों ने साजिश के तहत उनकी रकम हड़प ली और लगातार रकम लौटाने में आनाकानी करते रहे। कंपनी निदेशक समेत अन्य की भूमिका जांचेगी पुलिस पूर्व सैनिक ने पुलिस को बताया कि रकम वीएसीएल इंडिया रियल एस्टेट कंपनी में जमा कराई गई थी। कंपनी के निदेशक बृजेन्द्र सिंह चौहान बताए गए हैं और उसका कार्यालय कल्याणपुर क्षेत्र में स्थित है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। एसीपी कल्याणपुर दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि एक लाख रुपये किस माध्यम से जमा कराए गए थे, रकम कंपनी के किस खाते में गई, संबंधित दस्तावेज क्या हैं और इस मामले में नामजद आरोपियों की क्या भूमिका है। कंपनी से जुड़े लेन-देन और अन्य दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User