पूर्व विधायक राजीव चन्ना-मनमोहन सैनी ने सपा जॉइन की:मुरादाबाद में शहर सीट पर भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं चन्ना

Oct 15, 2026 - 14:32
0
पूर्व विधायक राजीव चन्ना-मनमोहन सैनी ने सपा जॉइन की:मुरादाबाद में शहर सीट पर भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं चन्ना
मुरादाबाद पश्चिम सीट से 2007 में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बनने वाले राजीव चन्ना मुरादाबाद की सियासत में री-एंट्री हुई है। राजीव चन्ना और मनमोहन सैनी ने सपा जॉइन कर ली है। इन दोनों का सपा में जाना मुरादाबाद शहर सीट पर भाजपा की मुश्किलें बढ़ा सकता है। 2009 में लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद से राजनीति से दूरी बना चुके चन्ना की सियासत में वापसी मुरादाबाद में सियासी समीकरणों में बड़ी उलटफेर कर सकती है। दैनिक भास्कर ने 4 माह पहले ही उजागर कर दिया था कि राजीव चन्ना बहुत जल्द समाजवादी पार्टी जॉइन कर सकते हैं। हालांकि उस वक्त राजीव चन्ना ने दैनिक भास्कर से कहा था कि वे फिलहाल BJP में ही हैं। राजीव चन्ना को दिवंगत शराब कारोबारी पोंटी चड्ढा का बेहद करीबी माना जाता है। पोंटी के कहने पर ही राजीव चन्ना ने 2009 में विधायकी से इस्तीफा देकर भाजपा छोड़ दी थी। इसके बाद बसपा जॉइन करके सांसद का चुनाव लड़े थे। लेकिन तब कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े मोहम्मद अजहरुद्दीन से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। राजीव चन्ना इस चुनाव में तीसरे नंबर पर रहे थे। 2009 का लोकसभा चुनाव हारने के बाद से सियासत से दूर थे चन्ना उस वक्त हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के मोहम्मद अजहरुद्दीन को 3,01283, भाजपा प्रत्याशी रहे दिवंगत कुंवर सर्वेश सिंह को 2,52,176 और बसपा से लड़े राजीव चन्ना को 1,47,594 वोट मिले थे। दरअसल उस वक्त बसपा सुप्रीमो के काफी करीब रहे पोंटी चड्ढा को ये ओवरकान्फिडेंस था कि वे पोंटी को जिता ले जाएंगे। इसीलिए उन्होंने विधायक बनने के 2 साल के भीतर ही राजीव चन्ना से BJP से इस्तीफा दिला दिया था और बसपा जॉइन कराने के बाद लोकसभा का टिकट भी ले आए थे। एक दशक से उत्तराखंड में डेरा डाले हैं इस हार के बाद राजीव चन्ना ने 2010 में फिर से भाजपा जॉइन कर ली थी। लेकिन इस अंतराल में पार्टी के भीतर चन्ना की जगह नए नेता भर चुके थे। चन्ना को फिर से भाजपा में वो तरजीह कभी नहीं हासिल हुई जो 2007 और उसके पहले उन्हें हासिल थी। हाशिए पर धकेले गए चन्ना ने खुद ही सियासत से किनारा कर लिया। 2010 के बाद से वे सक्रिय राजनीति में नहीं हैं। पिछले 7 सालों से भी अधिक वक्त से उन्होंने उत्तराखंड के भवाली में डेरा डाला हुआ है। लेकिन 2027 के चुनाव से ठीक पहले राजीव चन्ना ने फिर से ताल ठोंकी है। राजीव चन्ना ने कहा-मैं लड़ूंगा 2027 का चुनाव राजीव चन्ना ने दैनिक भास्कर से कहा- हां, मैं 2027 में चुनाव लड़ना चाहता हूं। इतना साफ है कि मैं 2027 के चुनावों में इस बार अपनी किस्मत आजमाने की तैयारी कर रहा हूं। चन्ना के ताल ठोंकने से बदलेंगे सियासी समीकरण राजीव चन्ना के ताल ठोंकने से मुरादाबाद में सियासी समीकरणों में बड़ी उलटफेर हो सकती है। हमारे सोर्स बताते हैं राजीव चन्ना को सपा मुरादाबाद शहर सीट से उतारना चाहती है। सूत्रों का कहना है कि सपा के एक राज्यसभा सदस्य के जरिए सपा आलाकामान से चन्ना पिछले 5-6 महीने से संपर्क में थे। BJP नेताओं ने भी की थीं राजीव चन्ना से मीटिंगें सूत्रों का कहना है कि भाजपा नेताओं ने भी चन्ना को मनाने के लिए इस बीच कई मीटिंगें उनके साथ की हैं। राजीव चन्ना को राजनीति से दूर रहने और अपने बेटे को आगे करने के मशविरे दिए जा रहे थे। सूत्रों का कहना है कि एक भाजपा नेता ने राजीव चन्ना के बेटे को भाजपा में कोई पद दिलाने का वादा भी किया था। लेकिन राजीव चन्ना खुद ही चुनाव लड़ने की जिद पर अड़े थे।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User