पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर खड़ी गाड़ियां बन रहीं हादसों की वजह:निगरानी पर उठे सवाल, नींद और तेज रफ्तार भी कारण; यूपीडा पर उठे सवाल
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सड़क हादसों को लेकर स्थानीय लोगों ने यूपीडा की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर सुबह के समय सड़क किनारे खड़े भारी वाहन हादसों की बड़ी वजह बन रहे हैं।इसके अलावा चालकों की नींद,तेज रफ्तार और सुरक्षित स्थानों की कमी भी दुर्घटनाओं का कारण है।रविवार सुबह हुए हादसे में पांच लोगों की मौत के बाद क्षेत्रीय लोगों ने अपनी चिंता जताते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की। स्थानीय निवासी संजय तिवारी ने कहा कि सुबह के समय लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों को नींद आने लगती है। ऐसे में सड़क किनारे खड़े वाहनों से टक्कर होने का खतरा बढ़ जाता है।उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे पर वाहन चालकों के आराम करने के लिए पर्याप्त सुरक्षित स्थान होने चाहिए,ताकि वे थकान दूर करने के बाद आगे की यात्रा कर सकें। सड़क पर ही वाहन खड़े कर देने से पीछे से आने वाले चालकों को यह समझने में परेशानी होती है कि आगे चल रहा वाहन खड़ा है या गतिमान।तेज रफ्तार के कारण चालक समय रहते ब्रेक नहीं लगा पाते और हादसा हो जाता है। मुन्ना सिंह ने कहा कि बड़ा हादसा होने के बाद सरकार और प्रशासन सक्रिय होकर सड़क किनारे खड़े वाहनों के खिलाफ अभियान चलाते हैं, लेकिन नियमित निगरानी नहीं होने से स्थिति दोबारा पहले जैसी हो जाती है। सुबह के समय बड़ी संख्या में भारी वाहन सड़क के किनारे खड़े रहते हैं। पीछे से आने वाले वाहन चालकों को इसका अंदाजा नहीं लग पाता और टक्कर हो जाती है। वहीं,तेजवाली पांडे ने कहा कि यूपीडा के कर्मचारियों को नियमित गश्त और निगरानी करनी चाहिए। कर्मचारियों की कमी है तो उसे दूर किया जाए और यदि लापरवाही हो रही है तो जिम्मेदारी तय की जाए। इससे हादसों पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।गौरतलब है कि बीते28अगस्त की सुबह करीब पांच बजे एक्सप्रेसवे पर खड़ी बस में पीछे से ट्रक ने टक्कर मार दी थी।हादसे में तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई थी,जबकि पांच गंभीर घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया था।
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