पुष्प वाटिका में एक-दूसरे को देखते रह गए श्रीराम-सीता:श्रीराम की इस स्थति को देख लखन ने उनको टोका,सखियो ने पूछा तो सीता मुस्कुराई
भगवदाचार्य स्मारक सदन, अयोध्या की पौराणिक एवं ऐतिहासिक श्रीरामलीला के तृतीय दिवस श्रीराम-लक्ष्मण के नगर भ्रमण एवं जनकपुर की पावन पुष्पवाटिका में प्रभु श्रीराम एवं माता सीता के प्रथम दिव्य मिलन की मनोहारी लीला का भावपूर्ण मंचन हुआ। पुष्पवाटिका में सखियों संग पधारीं माता जानकी के दर्शन और प्रभु श्रीराम के मन में जागृत दिव्य अनुराग के प्रसंग ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति, प्रेम और मर्यादा के अद्भुत भाव से अभिभूत कर दिया। वहीं नगर भ्रमण के माध्यम से प्रभु श्रीराम के सौम्य, शील एवं मर्यादित स्वरूप का सुंदर चित्रण किया गया। श्रीसीता को इस धरा धाम पर पहली बार देखकर भगवान श्रीराम उनको अलपक देखते रह गए।उनकी इस स्थित को देख लखन ने याद दिलाया कि हम यहां गुरु की पूजा के लिए पुष्प लेने आए थे।दूसरी ओर सीता के श्रीराम के प्रति आकर्षण को उनकी सहेलियों ने भी भांप लिया।उनके कुरेदेन पर श्रीसीता ने मुस्कुरा कर जबाब दिया। इस पावन अवसर पर जगद्गुरु डॉ. राघवाचार्य महाराज, निर्वाणी अनी के श्रीमहंत मुरली दास, श्री तुलसीदास रामलीला समिति के कोषाध्यक्ष एवं बड़ा भक्तमाल पीठाधीश्वर महंत अवधेश कुमार दास महाराज, महामंत्री संजय दास , श्रृंगी ऋषि पीठाधीश्वर महंत हेमंत दास , महंत रामकुमार दास , महंत शशिकांत दास , महंत धनुषधारी शुक्ला उपस्थित रहे।
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